
Indian Railways ने अपने नेटवर्क को और सुरक्षित व आधुनिक बनाने के लिए ₹1,364.45 करोड़ की कई अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य ट्रेन सुरक्षा, सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम को मजबूत करना है।
### क्या-क्या होगा इस योजना में?
रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
* ट्रेनों में स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली Kavach की स्थापना
* ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क का विस्तार
* पुराने पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बदलना
### ‘कवच’ सिस्टम क्यों है खास?
‘कवच’ एक अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली है, जो ट्रेनों को सिग्नल तोड़ने (SPAD), तेज गति और टक्कर जैसी घटनाओं से बचाती है। यह खासतौर पर हाई-स्पीड और व्यस्त रेल मार्गों पर सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करती है।
### अलग-अलग जोन में काम
* **साउदर्न रेलवे**: 232 लोकोमोटिव में कवच लगाने के लिए ₹208.81 करोड़ मंजूर
* **नॉर्दर्न रेलवे**: ₹400.86 करोड़ की परियोजनाएं, जिसमें बड़े पैमाने पर फाइबर नेटवर्क बिछाया जाएगा
* **नॉर्थ सेंट्रल रेलवे**: ₹176.77 करोड़ से OFC नेटवर्क मजबूत किया जाएगा
* **साउथ सेंट्रल रेलवे**: ₹578.02 करोड़ से सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा
### बड़े प्लान का हिस्सा
ये सभी परियोजनाएं भारतीय रेलवे के बड़े आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जिसमें:
* कुल ₹27,693 करोड़ का ‘कवच’ विस्तार प्रोजेक्ट
* कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अलग से हजारों करोड़ का निवेश
### क्या होगा फायदा?
इन योजनाओं से:
* ट्रेन संचालन और ज्यादा सुरक्षित होगा
* सिग्नलिंग सिस्टम में विश्वसनीयता बढ़ेगी
* मानवीय हस्तक्षेप कम होगा
* हाई-डेंसिटी रूट्स पर क्षमता और दक्षता बेहतर होगी
कुल मिलाकर, यह पहल भारतीय रेलवे को एक सुरक्षित, तेज और आधुनिक परिवहन नेटवर्क बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
With inputs from IANS