
नई दिल्ली। IIT Kanpur के स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े स्टार्टअप ScaNxt Scientific Technologies ने भारत के पहले स्वदेशी 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर की तकनीक को बाजार में उतारने के लिए अहम समझौता किया है। यह करार विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले दो संस्थानों के साथ किया गया।
यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर 90 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी पुर्जों के साथ तैयार किया गया है और खासतौर पर छोटे तथा सीमांत किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
भारत में लंबे समय से डीजल आधारित कृषि मशीनें छोटे किसानों के लिए काफी महंगी साबित होती रही हैं। इसी वजह से ग्रामीण इलाकों में उत्पादकता का बड़ा अंतर देखने को मिलता है। देश में 86 प्रतिशत से अधिक किसान परिवार ऐसे हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन है।
नए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर में पूरी तरह इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन के साथ Vehicle-to-Load (V2L) तकनीक दी गई है। इसकी मदद से किसान सिंचाई पंप और अन्य कृषि उपकरण भी चला सकेंगे। ट्रैक्टर का आकार छोटे खेतों के अनुसार रखा गया है और इसके कंट्रोल्स को इतना आसान बनाया गया है कि महिला किसान भी इसे आसानी से चला सकें।
स्टार्टअप टीम ने कहा, “हमारा स्मार्ट कॉम्पैक्ट ईवी ट्रैक्टर खेती की लागत को काफी कम करेगा, ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीन जॉब्स पैदा करेगा और आधुनिक व समृद्ध खेती की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगा।”
यह पहल भारत में कृषि मशीनीकरण के क्षेत्र में एक नई श्रेणी की शुरुआत मानी जा रही है। देश में इलेक्ट्रिक कृषि उपकरण अभी शुरुआती दौर में हैं, ऐसे में यह परियोजना निर्माण, वितरण, सर्विसिंग और ग्रामीण इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के पूरे इकोसिस्टम को बढ़ावा दे सकती है।
SIIC IIT Kanpur ने CSIR-CMERI और National Research Development Corporation के साथ नई दिल्ली में आयोजित Vigyan Tech 2026 के दौरान समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत ScaNxt Scientific Technologies इस तकनीक को अपने ब्रांड नाम से व्यावसायिक रूप से बाजार में उतारेगी। कंपनी का लक्ष्य ग्रामीण भारत के लिए किफायती, ऊर्जा-कुशल और बड़े स्तर पर इस्तेमाल योग्य कृषि समाधान तैयार करना है।
बयान में कहा गया कि यह समझौता भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम की बढ़ती ताकत को दर्शाता है, जहां सरकारी रिसर्च, स्टार्टअप्स और इनक्यूबेशन संस्थान मिलकर स्वदेशी तकनीक के जरिए देश की बड़ी चुनौतियों का समाधान निकाल रहे हैं।
With inputs from IANS