जीआरएसई ने लॉन्च किया नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल ‘संघमित्रा’By Admin Wed, 20 May 2026 07:32 PM

कोलकाता- Garden Reach Shipbuilders and Engineers (GRSE) ने बुधवार को अपना पहला नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) ‘संघमित्रा’ लॉन्च किया। देश की समुद्री सुरक्षा बलों को अब तक रिकॉर्ड 118 युद्धपोत सौंप चुकी जीआरएसई भारतीय नौसेना के लिए ऐसे चार NGOPV का निर्माण कर रही है।

युद्धपोत का शुभारंभ भारतीय नौसेना के वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ Sanjay Vatsayan की पत्नी सरिता वात्स्यायन ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। इस अवसर पर वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

‘संघमित्रा’ नाम का अर्थ ‘समुदाय की मित्र’ होता है। यह सम्राट Ashoka की ज्येष्ठ पुत्री का भी नाम था, जिन्होंने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में भगवान Gautama Buddha के संदेश के प्रचार के लिए श्रीलंका की यात्रा की थी।

जीआरएसई को युद्धपोत और पेट्रोल वेसल निर्माण का लंबा अनुभव है। वर्ष 2014 में मॉरीशस को निर्यात किया गया OPV ‘MCGS Barracuda’ भी इसी शिपयार्ड में बना था, जो भारत का पहला निर्यातित युद्धपोत था। इस उपलब्धि के लिए जीआरएसई को रक्षा मंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार भी मिला था।

आधुनिक तकनीक और ज्यादा क्षमता से लैस होंगे NGOPV

नए NGOPV पहले बनाए गए OPV की तुलना में आकार में बड़े, अधिक मारक क्षमता वाले और लंबी दूरी तक संचालन करने में सक्षम होंगे। इन युद्धपोतों की लंबाई लगभग 113 मीटर, चौड़ाई 14.6 मीटर और वजन करीब 3,000 टन होगा। ये 23 नॉट्स तक की रफ्तार हासिल कर सकेंगे और 14 नॉट्स की गति से 8,500 नॉटिकल माइल तक सफर करने में सक्षम होंगे।

इन जहाजों का उपयोग समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा, ऑफशोर संपत्तियों की रक्षा, समुद्री अवरोधन, विजिट-बोर्ड-सर्च-सीजर (VBSS) ऑपरेशन, माइन वारफेयर और विशेष अभियानों में किया जाएगा।

इसके अलावा ये युद्धपोत एंटी-पायरेसी मिशन, घुसपैठ रोकने, राहत एवं बचाव अभियान, मानवीय सहायता, गैर-युद्ध निकासी अभियान और काफिला सुरक्षा जैसे अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जरूरत पड़ने पर इन्हें अस्पताल जहाज और संचार खुफिया (COMINT) प्लेटफॉर्म के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका

वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने भारतीय नौसेना को आधुनिक युद्धपोत उपलब्ध कराने में जीआरएसई की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अब केवल युद्ध के लिए तैयार बल नहीं, बल्कि समुद्री स्थिरता और सहयोग सुनिश्चित करने वाली ताकत के रूप में भी विकसित हुई है।

उन्होंने कहा कि NGOPV परियोजना भारतीय नौसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और पिछले वित्तीय वर्ष में आठ जहाजों की डिलीवरी देकर जीआरएसई ने अपनी क्षमता साबित की है।

वहीं जीआरएसई के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पीआर हरि (सेवानिवृत्त) ने कहा कि वर्ष 2026-27 की शुरुआत इस युद्धपोत के लॉन्च के साथ हुई है और इस साल भी कई नए लॉन्च और डिलीवरी देखने को मिलेंगी।

 

With inputs from IANS