
वॉशिंगटन: अमेरिका ने भारत के लिए कुल 428.2 मिलियन डॉलर के दो विदेशी सैन्य बिक्री (Foreign Military Sales) प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें AH-64E Apache अपाचे हेलिकॉप्टरों और M777A2 Ultra-Light Howitzer एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के रखरखाव और तकनीकी सहायता से जुड़ा पैकेज शामिल है।
अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ पॉलिटिकल-मिलिट्री अफेयर्स ने 18 मई को कांग्रेस को भेजी गई अलग-अलग अधिसूचनाओं में इन प्रस्तावों की जानकारी दी।
इनमें सबसे बड़ा पैकेज 230 मिलियन डॉलर का है, जो एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के दीर्घकालिक रखरखाव और संचालन सहायता के लिए है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस पैकेज में स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, फील्ड सर्विस प्रतिनिधि, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और अन्य संबंधित सेवाएं शामिल हैं।
इस पैकेज का मुख्य ठेकेदार BAE Systems होगा।
वहीं दूसरे प्रस्ताव के तहत भारत के अपाचे हेलिकॉप्टरों के लिए 198.2 मिलियन डॉलर के सहायता पैकेज को मंजूरी दी गई है। इसमें एएच-64ई अपाचे हेलिकॉप्टरों के रखरखाव, इंजीनियरिंग सहायता, तकनीकी और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, तकनीकी दस्तावेज, प्रशिक्षण और अन्य संबंधित सेवाएं शामिल हैं।
इस पैकेज के प्रमुख ठेकेदार Boeing और Lockheed Martin हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि ये प्रस्ताव भारत और अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में मदद करेंगे।
अमेरिका के अनुसार, इन रक्षा सौदों से भारत की वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता मजबूत होगी, साथ ही क्षेत्रीय खतरों को रोकने में भी मदद मिलेगी।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा कि इन सौदों से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और अमेरिकी रक्षा तैयारियों पर भी इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होगा।
पिछले एक दशक में भारत और United States अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास, हथियारों की खरीद और रक्षा तकनीक साझेदारी में तेजी आई है।
With inputs from IANS