भारत को मिला पहला डेंगू टीका 'क्यूडेंगा', जानिए किसे लगेगा और कैसे करेगा बचावBy Admin Tue, 21 July 2026 11:24 AM

नई दिल्ली: भारत में डेंगू से बचाव के लिए पहली बार किसी वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने 'क्यूडेंगा' (Qdenga) नामक डेंगू वैक्सीन के विपणन (मार्केटिंग) की अनुमति दे दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह देश में तेजी से बढ़ रही मच्छरजनित बीमारी डेंगू से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह वैक्सीन जर्मनी की टाकेडा जीएमबीएच (Takeda GmbH) ने विकसित की है और भारत में इसका आयात टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड करेगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वैक्सीन को दवा एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और संबंधित नियमों के तहत गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद मंजूरी दी गई है।

क्यूडेंगा क्या है?
क्यूडेंगा एक लाइव, एटेन्यूएटेड टेट्रावैलेंट डेंगू वैक्सीन है, जिसे रिकॉम्बिनेंट डीएनए तकनीक से विकसित किया गया है। यह डेंगू वायरस के सभी चार प्रमुख प्रकार (सीरोटाइप) से सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। यह फ्रीज-ड्राइड पाउडर के रूप में उपलब्ध होगी, जिसे घोलकर त्वचा के नीचे (सबक्यूटेनियस) इंजेक्शन के रूप में लगाया जाएगा।

किन लोगों को लगेगी वैक्सीन?
इस वैक्सीन को 4 से 60 वर्ष आयु के लोगों के लिए मंजूरी दी गई है। टीकाकरण के लिए 0.5 मिलीलीटर की दो खुराक दी जाएंगी, जिनके बीच तीन महीने का अंतर होगा।

क्लिनिकल ट्रायल और वैश्विक मंजूरी
मंत्रालय के अनुसार, वैक्सीन की सुरक्षा, प्रतिरक्षा क्षमता और प्रभावशीलता का आकलन कई देशों में किए गए व्यापक क्लिनिकल परीक्षणों के आधार पर किया गया। ब्राजील, थाईलैंड और श्रीलंका समेत आठ से अधिक देशों में अध्ययन किए गए, जबकि भारत में भी 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों पर फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल किया गया।

क्यूडेंगा को अब तक यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड सहित 42 देशों में नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रीक्वालिफिकेशन भी प्राप्त है।

दुनियाभर में अब तक 2.4 करोड़ (24 मिलियन) से अधिक डोज वितरित की जा चुकी हैं। पोस्ट-मार्केटिंग निगरानी में भी इसकी सुरक्षा को लेकर कोई बड़ी चिंता सामने नहीं आई है।

बचाव के उपाय जारी रखना होगा जरूरी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन डेंगू से बचाव के मौजूदा उपायों का विकल्प नहीं, बल्कि उन्हें और मजबूत करने का माध्यम है। इसलिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना, साफ-सफाई बनाए रखना, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना और अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय अपनाना पहले की तरह जरूरी रहेगा।

सरकार का कहना है कि यह मंजूरी वैज्ञानिक आधार पर सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन तक लोगों की समय पर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

 

With inputs from IANS

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