भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप GalaxEye को OptoSAR तकनीक के लिए अमेरिकी पेटेंटBy IANS Tue, 08 September 2026 05:02 PM

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भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप GalaxEye ने मंगलवार को घोषणा की कि उसे अपनी OptoSAR इमेजिंग तकनीक के लिए अमेरिका में पेटेंट मिल गया है। यह तकनीक ऑप्टिकल और सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) सेंसर को एक साथ जोड़कर पृथ्वी की सतह से संबंधित अधिक व्यापक और सटीक आंकड़े जुटाने में सक्षम है।

कंपनी के अनुसार, अमेरिकी पेटेंट में उस प्रणाली और आर्किटेक्चर को संरक्षण दिया गया है, जो ऑप्टिकल और माइक्रोवेव सेंसरों के बीच समन्वय स्थापित करता है। इसके जरिए दोनों सेंसर एक ही समय पर और एक-दूसरे से स्थानिक रूप से मेल खाते हुए डेटा हासिल कर सकते हैं।

GalaxEye ने बताया कि इसी मूल तकनीक के लिए उसे पहले ही भारत में भी पेटेंट मिल चुका है। अमेरिकी पेटेंट मिलने से कंपनी की बौद्धिक संपदा की स्थिति और मजबूत हुई है, खासकर ऐसे समय में जब वह अगले पांच वर्षों में 30 उपग्रहों का एक बड़ा समूह स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।

कंपनी के अनुसार, उसके पास घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से जुड़ी व्यावसायिक संभावनाओं की एक बढ़ती सूची है। प्रस्तावित उपग्रह समूह का इस्तेमाल रक्षा, सरकारी सेवाओं और वाणिज्यिक क्षेत्रों में किया जा सकता है। इनमें कृषि, बुनियादी ढांचा, बीमा, समुद्री निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

OptoSAR तकनीक पृथ्वी अवलोकन के क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण चुनौती को दूर करने की कोशिश करती है। परंपरागत रूप से ऑप्टिकल और SAR सेंसर अलग-अलग काम करते रहे हैं या दोनों से प्राप्त आंकड़ों को बाद में एक साथ संसाधित किया जाता है। अलग-अलग समय, कोण या प्लेटफॉर्म से हासिल किए गए डेटा में समय संबंधी अंतर और स्थानिक असंगति पैदा हो सकती है।

GalaxEye की पेटेंट संरचना दोनों सेंसरों को सिस्टम स्तर पर सिंक्रोनाइज करने के लिए तैयार की गई है। इससे ऑप्टिकल इमेजिंग से मिलने वाली दृश्य और स्पेक्ट्रल जानकारी को SAR की दिन-रात तथा लगभग सभी मौसम में काम करने की क्षमता के साथ जोड़ा जा सकता है।

GalaxEye के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुयश सिंह ने कहा कि यह तकनीक भारत में विकसित हुई है और अमेरिकी पेटेंट भारतीय डीप-टेक कंपनियों की वैश्विक स्तर पर अलग पहचान बनाने वाली तकनीक विकसित करने की क्षमता को प्रमाणित करता है।

यह तकनीक कंपनी के मिशन दृष्टि से भी जुड़ी हुई है, जिसे मई में लॉन्च किया गया था। GalaxEye के अनुसार, दृष्टि दुनिया का पहला OptoSAR इमेजिंग उपग्रह था, जिसमें एक ही उपग्रह प्लेटफॉर्म पर मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग और SAR तकनीक को जोड़ा गया था।

लगभग 190 किलोग्राम वजनी दृष्टि लॉन्च के समय भारत में निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित सबसे बड़ा पृथ्वी अवलोकन उपग्रह भी था।

कंपनी ने अगस्त में बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष यान इंजीनियरिंग कंपनी StarOps का अधिग्रहण करने की भी घोषणा की थी। इस कदम का उद्देश्य इन-हाउस स्पेसक्राफ्ट इंजीनियरिंग और सिस्टम विकास क्षमताओं को मजबूत करना है।

GalaxEye अब अपनी OptoSAR तकनीक को अगली पीढ़ी के उपग्रहों, उन्नत इमेजिंग पेलोड, डेटा प्रोसेसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित इंटेलिजेंस क्षमताओं के साथ आगे विकसित करने की योजना बना रही है।

कंपनी का मानना है कि ऑप्टिकल और SAR डेटा को एकीकृत करने वाली उसकी तकनीक पृथ्वी अवलोकन से प्राप्त सूचनाओं को अधिक उपयोगी बनाने में मदद कर सकती है और आने वाले वर्षों में रक्षा से लेकर कृषि और आपदा प्रबंधन तक कई क्षेत्रों में इसके व्यावसायिक इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ा सकती है।