
Photo: IANS
ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर व्यापक रूप से पड़ा है। इस गड़बड़ी के कारण एयर इंडिया की ब्रिटेन आने-जाने वाली कई उड़ानें प्रभावित हुईं। एयरलाइन ने बुधवार को बताया कि उसे कुछ उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा, जबकि कई फ्लाइट्स में देरी हुई या उन्हें रद्द करना पड़ा।
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी ट्रैवल एडवाइजरी में कहा कि ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा प्रदाता एनएटीएस के तकनीकी सिस्टम में आई खराबी के कारण देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है।
एयरलाइन ने कहा कि स्थिति का असर केवल ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों तक सीमित नहीं रह सकता है। उड़ानों में देरी और बदलाव के कारण विमान और क्रू अपनी निर्धारित स्थिति पर समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे एयर इंडिया के कुछ अन्य परिचालन भी प्रभावित होने की आशंका है।
एयर इंडिया ने यात्रियों से अपील की है कि एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की ताजा स्थिति जरूर जांच लें। एयरलाइन ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और यात्रियों को होने वाली परेशानी को कम से कम करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
तकनीकी खराबी का असर पूरे ब्रिटेन के विमानन नेटवर्क पर काफी बड़ा रहा। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इस समस्या के चलते ब्रिटेन में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि बड़ी संख्या में विमानों के उड़ान भरने और उतरने का कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ।
ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल का प्रबंधन करने वाली एनएटीएस ने बताया कि समस्या उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण पैदा हुई। इसका असर लंदन के हीथ्रो सहित एडिनबर्ग और मैनचेस्टर जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर भी पड़ा।
बाद में एनएटीएस ने कहा कि तकनीकी समस्या को दूर कर लिया गया है और सिस्टम अब सामान्य रूप से काम कर रहा है। हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उड़ानों के बाधित होने से पैदा हुए बैकलॉग को खत्म करने में समय लग सकता है। ऐसे में तकनीकी गड़बड़ी दूर होने के बावजूद कुछ समय तक उड़ानों की समय-सारिणी पर असर बना रह सकता है।
हीथ्रो एयरपोर्ट ने कहा कि वह एनएटीएस के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि यात्रियों और उड़ान कार्यक्रमों पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके।
इस व्यवधान का असर ब्रिटेन और आयरलैंड के बीच संचालित उड़ानों पर भी पड़ा। डबलिन एयरपोर्ट ने यात्रियों को आगाह किया कि ब्रिटेन से आने-जाने वाली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
ब्रिटिश एयरवेज ने भी पुष्टि की कि राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण उसकी उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एयर ट्रैफिक कंट्रोल जैसी केंद्रीय व्यवस्था में तकनीकी गड़बड़ी का असर तेजी से पूरे विमानन नेटवर्क में फैल सकता है। एक उड़ान में देरी होने से विमान, पायलट और केबिन क्रू के अगले शेड्यूल भी प्रभावित होते हैं। यही वजह है कि सिस्टम सामान्य होने के बाद भी उड़ान सेवाओं को पूरी तरह पटरी पर लौटने में कुछ समय लग सकता है।