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नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी इटरनल के पूर्व सीईओ दीपिंदर गोयल की नई वियरेबल डिवाइस कंपनी 'टेंपल' वैज्ञानिक दावों को लेकर विवादों में घिर गई है। डॉक्टरों ने डिवाइस की क्षमताओं और उसके स्वास्थ्य संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं। इसके बाद गोयल ने सोशल मीडिया पर सामने आकर कंपनी के उत्पाद का बचाव किया और उपभोक्ताओं को गुमराह करने के आरोपों को खारिज किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट के जरिए गोयल ने कहा कि डिवाइस बाजार में आने और ग्राहकों तक पहुंचने के बाद उसके दावों की वास्तविकता का परीक्षण आसानी से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि कंपनी 14 दिनों की बिना सवाल पूछे रिटर्न पॉलिसी भी दे रही है।
गोयल के मुताबिक, टेंपल के विकास पर अब तक करीब 3 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया है, जिसमें लगभग 2 करोड़ डॉलर उनकी अपनी पूंजी है। उन्होंने कहा कि परियोजना में किए गए बड़े निवेश और इसके प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को देखते हुए इसे धोखाधड़ी वाला उपक्रम बताना उचित नहीं है।
इटरनल के सीईओ पद से हटकर टेंपल पर ध्यान केंद्रित करने वाले गोयल ने कहा कि इस परियोजना के साथ उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है। इसलिए यह सुनिश्चित करना उनके हित में है कि उत्पाद के पीछे इस्तेमाल किया गया विज्ञान सही हो।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि टेंपल के सभी मेट्रिक्स का अभी तक क्लिनिकल सत्यापन नहीं हुआ है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि जैसे-जैसे वैज्ञानिक सत्यापन उपलब्ध होगा, उससे जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे।
गोयल ने स्पष्ट किया, "टेंपल एक फिटनेस ट्रैकर और वेलनेस डिवाइस है। यह कोई मेडिकल डिवाइस नहीं है।" उन्होंने कहा कि उत्पाद ग्राहकों के लिए उपलब्ध होने के बाद अतिरिक्त वैज्ञानिक सत्यापन और स्वतंत्र अध्ययन भी सामने आएंगे।
यह विवाद प्रमुख हेपेटोलॉजिस्ट साइरिएक एबी फिलिप्स की आलोचना के बाद तेज हुआ है, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'द लिवर डॉक' के नाम से जाना जाता है। फिलिप्स ने टेंपल के वैज्ञानिक दावों, खासकर सतही टेम्पोरल आर्टरी (कनपटी के पास स्थित धमनी) के जरिए मस्तिष्क से जुड़े मापदंडों का आकलन करने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं।
एक्स पर अपनी पोस्ट में फिलिप्स ने कहा कि कंपनी ने मस्तिष्क में रक्त प्रवाह और अन्य उन्नत स्वास्थ्य मापदंडों से जुड़े दावों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए हैं। उनका तर्क है कि कंपनी की ओर से सार्वजनिक की गई जानकारी और प्रीप्रिंट शोध पत्र इन क्षमताओं को निर्णायक रूप से प्रमाणित नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी अपने उत्पाद के पीछे मौजूद विज्ञान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।
इस विवाद ने उपभोक्ताओं के लिए बनाए जाने वाले फिटनेस और वेलनेस उपकरणों के वैज्ञानिक मानकों को लेकर एक व्यापक बहस छेड़ दी है। मुख्य सवाल यह है कि स्वास्थ्य से जुड़े उन्नत दावे करने से पहले ऐसे उपकरणों का स्वतंत्र और विश्वसनीय वैज्ञानिक परीक्षण किस स्तर तक होना चाहिए।
गोयल ने कहा है कि टेंपल अपने वैज्ञानिक तरीकों पर कायम है और भविष्य में सत्यापन से जुड़े आंकड़े प्रकाशित करती रहेगी। वहीं, आलोचकों का कहना है कि कंपनी के दावों को स्वीकार करने से पहले स्वतंत्र और विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा किए गए शोध के प्रमाण सामने आने चाहिए।