
तेहरान — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारता है” तो अमेरिका कार्रवाई करेगा, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने देश के आंतरिक मामलों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को “सख्ती से खारिज” करने का संकल्प जताया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अराघची ने कहा कि यदि ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन किया गया, तो देश की सशस्त्र सेनाएं “पूरी तरह सतर्क हैं और ठीक-ठीक जानती हैं कि निशाना कहां साधना है।” यह प्रतिक्रिया ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद आई है, जो उन्होंने ट्रुथ सोशल पर की थी, जहां उन्होंने दावा किया था कि यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है तो अमेरिका “उन्हें बचाने आएगा।” यह जानकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।
रविवार से ईरान के कई शहरों में राष्ट्रीय मुद्रा रियाल के तेज अवमूल्यन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
अराघची ने कहा कि विनिमय दर में अस्थिरता से प्रभावित ईरानियों के लिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना उनका अधिकार है, लेकिन उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक पुलिस थाने पर हमला और सुरक्षाकर्मियों पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके जाने की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति पर आपराधिक हमलों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ईरानी मीडिया की गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटों में ईरान के दो प्रांतों में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान झड़पों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
ईरान के पश्चिमी लोरेस्तान प्रांत के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के उप-राज्यपाल सईद पूरअली ने हालिया प्रदर्शनों के लिए आर्थिक असंतोष को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि मुद्रा में उतार-चढ़ाव और आजीविका से जुड़ी चिंताओं सहित आर्थिक दबाव “निर्दयी” पश्चिमी प्रतिबंधों का नतीजा हैं।
गौरतलब है कि 2018 में अमेरिका द्वारा 2015 के परमाणु समझौते से बाहर निकलने और दोबारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से ईरानी रियाल में तेज गिरावट आई है। वर्तमान में खुले बाजार में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 13.5 लाख रियाल से अधिक हो गई है।
With inputs from IANS