ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने के लिए अमेरिकी सांसद ने विधेयक पेश कियाBy Admin Tue, 13 January 2026 07:58 AM

रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने औपचारिक रूप से ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ पेश किया है। इस विधेयक का उद्देश्य ट्रंप प्रशासन को ग्रीनलैंड के अधिग्रहण और उसे भविष्य में अमेरिका का राज्य बनाने की दिशा में कानूनी अधिकार देना है।

फाइन ने सोमवार (स्थानीय समय) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बड़ी खबर! आज मुझे ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ पेश करने पर गर्व है। यह विधेयक राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड को अमेरिकी संघ में शामिल करने के लिए आवश्यक उपाय खोजने का अधिकार देता है।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका के “प्रतिद्वंद्वी” आर्कटिक क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं और इसे किसी भी सूरत में होने नहीं दिया जा सकता। उनके मुताबिक, यह कदम आर्कटिक में चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए बेहद जरूरी है।

रिपब्लिकन सांसद ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वॉशिंगटन को “ग्रीनलैंड को हासिल कर अमेरिकी वर्चस्व बहाल करने की जरूरत है।”

फाइन ने कहा, “मेरा विधेयक इस सोच को हकीकत में बदलता है और ग्रीनलैंड को आधिकारिक राज्य बनाकर अगले एक सदी के लिए अमेरिका को रणनीतिक बढ़त देगा। चीन और रूस को यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि आर्कटिक क्षेत्र में हमारी संप्रभुता को चुनौती देने के दिन अब खत्म हो चुके हैं।”

इस प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड के अधिग्रहण या उस पर बातचीत के लिए “आवश्यक सभी कदम” उठाने की शक्ति मिलेगी।

इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करना जरूरी है, ताकि वह प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के प्रभाव में न चला जाए।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रपति ग्रीनलैंड को अमेरिका और यूरोप की सुरक्षा के लिहाज से रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानते हैं।

लेविट ने कहा, “राष्ट्रपति का मानना है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड को हासिल नहीं किया, तो भविष्य में यह चीन या रूस के प्रभाव में आ सकता है, या फिर शत्रुतापूर्ण तरीके से उनके कब्जे में जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि ऐसा होना अमेरिका, यूरोप और खुद ग्रीनलैंड—तीनों के लिए खतरनाक होगा।

लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति यह भी मानते हैं कि अमेरिकी नियंत्रण से ग्रीनलैंड को भी लाभ हो सकता है। उन्होंने कहा, “यह केवल अमेरिका के हित में नहीं, बल्कि संभव है कि ग्रीनलैंड के हित में भी हो कि वह अमेरिका का हिस्सा बने।”

जब उनसे इस दिशा में किसी समयसीमा को लेकर सवाल किया गया, तो लेविट ने कहा कि अभी कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। “कोई डेडलाइन नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से प्राथमिकता में है,” उन्होंने कहा।

ग्रीनलैंड, जो डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है, आर्कटिक में अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण वैश्विक ध्यान का केंद्र बना हुआ है। जलवायु परिवर्तन, नए शिपिंग मार्गों और वैश्विक शक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते इसका महत्व और बढ़ गया है।

अमेरिका की ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी पहले से है, जबकि चीन और रूस भी आर्कटिक क्षेत्र में अपने प्रभाव को तेजी से बढ़ा रहे हैं।

—आईएएनएस