प्रदर्शनकारियों को फांसी देने पर ट्रंप की ईरान को चेतावनी, बोले– होगी ‘बहुत कड़ी कार्रवाई’By Admin Wed, 14 January 2026 03:11 AM

वॉशिंगटन- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वहां की सरकार प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू करती है, तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर हत्याओं की खबरें सामने आ रही हैं।

मंगलवार को सीबीएस न्यूज को दिए एक विशेष साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना बना रहा है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि यदि ऐसा हुआ, तो अमेरिका सख्त जवाब देगा।

ट्रंप ने कहा, “मैंने फांसी की बात नहीं सुनी है। लेकिन अगर वे उन्हें फांसी देते हैं, तो आप कुछ चीजें देखेंगे। हम बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे।”

ईरान के लिए “मदद रास्ते में है” संबंधी अपने पहले सोशल मीडिया संदेश के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि मदद “विभिन्न रूपों में” होगी, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को किसी तरह की आर्थिक राहत नहीं देगा।

उन्होंने कहा, “हम ईरान की बहुत ज्यादा मदद नहीं करने वाले हैं,” और दावा किया कि अमेरिका पहले ही ईरान की परमाणु क्षमता को निष्क्रिय कर चुका है।

ट्रंप ने कहा, “हमने ईरान को उसकी न्यूक्लियर क्षमता के साथ पूरी तरह ठप कर दिया। जैसे ही हमारे बमवर्षक अपने लक्ष्यों तक पहुंचे, यह ऑपरेशन बहुत तेजी से पूरा हो गया।”

जब उनसे हजारों प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की रिपोर्टों के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा कि सटीक आंकड़े अब तक सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा, “कोई भी हमें सही संख्या नहीं बता पाया है,” लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर यह पुष्टि होती है, तो इससे “उनके लिए बहुत बड़ी समस्याएं खड़ी हो जाएंगी।”

यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान ने अमेरिका की कोई ‘रेड लाइन’ पार कर ली है, ट्रंप ने कहा कि स्थिति अभी विकसित हो रही है, लेकिन बड़े पैमाने पर हत्याओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “अंतिम लक्ष्य जीतना है। मुझे जीतना पसंद है। और हम जीत रहे हैं।”

ट्रंप ने ईरान की स्थिति की तुलना अमेरिका की पिछली विदेशी कार्रवाइयों से की, जिनमें इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बकर अल-बगदादी और ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या, साथ ही वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी नीति शामिल है।

उन्होंने दावा किया, “हम हर मामले में सही साबित हुए हैं,” और कहा कि अमेरिकी कदमों ने बड़ी अस्थिरता को रोकने में मदद की है।

राष्ट्रपति ने अपने व्यापक विदेश नीति रिकॉर्ड का भी बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने “आठ युद्ध खत्म किए” और तर्क दिया कि लगातार संघर्ष अमेरिका को आर्थिक और रणनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाते।

ट्रंप ने कहा, “आप खतरों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। आप परमाणु हथियार वाले ईरान को नजरअंदाज नहीं कर सकते।”

उन्होंने कहा कि घरेलू आर्थिक विकास पर जोर देने के साथ-साथ वैश्विक शांति बनाए रखना भी प्राथमिकता है, क्योंकि विदेशों में अस्थिरता अंततः अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाएगी।

गौरतलब है कि ईरान में राजनीतिक दमन और खराब आर्थिक हालात के खिलाफ लंबे समय से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और हत्याएं हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं और ईरान के परमाणु कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बार-बार बढ़ता रहा है।

 

With inputs from IANS