
वॉशिंगटन- संयुक्त राज्य अमेरिका ने गाजा को युद्धोत्तर नए राजनीतिक ढांचे में ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए तकनीकी प्रशासन को मंजूरी दे दी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की है। यह पहली बार है जब अमेरिका समर्थित किसी पहल के तहत गाजा में शासन से हमास और फिलिस्तीनी प्राधिकरण—दोनों को हटाने का स्पष्ट प्रयास किया गया है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण के तहत एक अंतरिम तकनीकी फिलिस्तीनी निकाय—नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (एनसीएजी)—का गठन किया गया है। इसके साथ ही संघर्षविराम प्रबंधन से आगे बढ़कर विसैन्यीकरण, शासन व्यवस्था और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
अमेरिकी विशेष दूत (शांति मिशन) स्टीव विटकॉफ ने एक सार्वजनिक बयान में कहा, “आज राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से हम गाजा संघर्ष को समाप्त करने की 20-सूत्रीय योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा कर रहे हैं, जिसके तहत संघर्षविराम से आगे बढ़कर विसैन्यीकरण, तकनीकी शासन और पुनर्निर्माण पर ध्यान दिया जाएगा।”
अधिकारियों ने बताया कि एनसीएजी का चयन क्षेत्रीय मध्यस्थों और फिलिस्तीनी गुटों के साथ परामर्श के बाद किया गया है। यह निकाय एक गैर-राजनीतिक, सेवा-आधारित प्रशासन के रूप में कार्य करेगा, जिसका उद्देश्य गाजा का पुनर्निर्माण करना और वहां के निवासियों के दैनिक जीवन में सुधार लाना है।
उन्होंने कहा कि यह कई वर्षों में पहली बार होगा जब गाजा पर न तो हमास और न ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण का शासन होगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब कुछ बंधक मामलों पर काम अभी भी जारी है। सभी जीवित बंधकों की वापसी हो चुकी है, जबकि 28 मृत बंधकों में से 27 के अवशेष भी बरामद कर लिए गए हैं। अंतिम अवशेषों की तलाश जारी है और साथ ही संघर्षविराम बनाए रखने के प्रयास भी हो रहे हैं।
विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि हमास समझौते के तहत अपनी शेष जिम्मेदारियों को पूरा करेगा, जिसमें अंतिम मृत बंधक के अवशेषों की वापसी भी शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी, “ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम होंगे।”
वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि हमास के पूर्ण रूप से निरस्त्रीकरण को लेकर संदेह बना हुआ है, क्योंकि संगठन ने वर्षों में व्यापक सैन्य ढांचा खड़ा किया है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि गाजा के भविष्य के लिए आतंकी क्षमताओं को समाप्त करना अनिवार्य है। उनके अनुसार, यदि दोबारा संघर्ष की आशंका बनी रहती है तो पुनर्निर्माण संभव नहीं हो पाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि आतंकी ढांचे को ध्वस्त करना और भारी हथियारों को हटाना प्रमुख लक्ष्य हैं, ताकि गाजा बार-बार युद्ध के चक्र में न फंसे और स्थायी पुनर्निर्माण संभव हो सके।
उन्होंने पहले चरण में हुई मानवीय प्रगति का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, संघर्षविराम के बाद 53,000 से अधिक सहायता ट्रक गाजा पहुंचे, दो मिलियन से ज्यादा पैलेट सामग्री वितरित की गई, हजारों बच्चों तक टीकाकरण अभियान पहुंचा और बड़े पैमाने पर मलबा हटाया गया।
विटकॉफ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में क्षेत्रीय मध्यस्थों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका “मिस्र, तुर्किये और कतर के प्रति गहराई से आभारी है, जिनके अनिवार्य मध्यस्थता प्रयासों से अब तक की सभी प्रगति संभव हो पाई है।”
अधिकारियों ने बताया कि योजना के अगले चरणों में भी ये देश महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
With inputs from IANS