ईरान में हालात बदतर, खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के बीच सामूहिक हत्याएं जारीBy Admin Sat, 17 January 2026 07:56 AM

न्यूयॉर्क- ईरान में दिसंबर पिछले वर्ष से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन देशभर में बड़े पैमाने पर की गई सामूहिक हत्याओं के बावजूद लगातार तेज होते जा रहे हैं। हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।

अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (HRANA) के अनुसार, बुधवार तक ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़कर 2,614 हो गई है।

वहीं, नॉर्वे स्थित संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) का दावा है कि अब तक कम से कम 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है।

हालांकि, ईरानी सरकार ने अब तक कोई आधिकारिक मृतक संख्या जारी नहीं की है, लेकिन यह पुष्टि की है कि प्रदर्शनकारियों के साथ हुई झड़पों में 100 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई है।

इसके विपरीत, विपक्षी नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि वास्तविक मृतक संख्या इससे कहीं अधिक है और इसमें 1,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी शामिल हैं।

अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने भी 8 जनवरी के बाद से तेज हुए प्रदर्शनों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है।

ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 को ईरान की राजधानी तेहरान के दो बाजारों से शुरू हुए थे, जहां बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा रियाल के तेज अवमूल्यन के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे थे। इसके बाद यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया।

प्रदर्शनों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली धार्मिक सत्ता के खिलाफ गुस्सा साफ झलक रहा है, जो आर्थिक संकट और जनता में बढ़ती नाराजगी का परिणाम माना जा रहा है।

एचआरडब्ल्यू की कार्यक्रम निदेशक लामा फकीह ने कहा, “8 जनवरी के बाद से ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई सामूहिक हत्याएं देश में अभूतपूर्व हैं। यह इस बात की भयावह याद दिलाती हैं कि जो शासक अपने ही लोगों का कत्लेआम करते हैं, वे तब तक अत्याचार करते रहेंगे जब तक उन्हें जवाबदेह नहीं ठहराया जाता।”

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अपील करते हुए कहा कि सदस्य देशों को तत्काल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए, ताकि ईरान में मानवाधिकार और जवाबदेही को अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के केंद्र में लाया जा सके।

एचआरडब्ल्यू ने 11 जनवरी से वायरल हुए सत्यापित वीडियो का हवाला देते हुए बताया कि ईरान के काहरिज़क ज़िले में स्थित फॉरेंसिक डायग्नोस्टिक और लैबोरेटरी सेंटर के आसपास बड़ी संख्या में शव और बॉडी बैग जमा किए गए थे।

संगठन के अनुसार, इन शवों को वहां इसलिए रखा गया था ताकि परिवार अपने परिजनों की पहचान कर सकें। एचआरडब्ल्यू ने कहा कि उसने केवल उसी स्थान से जुड़े वीडियो में कम से कम 400 शव गिने हैं, हालांकि शवों के एक-दूसरे के ऊपर रखे होने के कारण वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।

लामा फकीह ने कहा, “खुले आसमान के नीचे सैकड़ों बॉडी बैग्स में अपने प्रियजनों को तलाशते परिवारों की तस्वीरें दुनिया की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली हैं और जिम्मेदार लोगों को, उच्चतम स्तर तक, जवाबदेह ठहराने के लिए कार्रवाई की मांग करती हैं।”

एचआरडब्ल्यू ने चश्मदीदों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि ईरानी सुरक्षा बलों ने कई प्रांतों में निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल किया।

मानवाधिकार संगठन ने कहा, “घातक हथियारों के व्यापक और अनुचित उपयोग से हुई सामूहिक हत्याएं यह संकेत देती हैं कि अधिकारियों ने जानबूझकर और गैरकानूनी तरीके से राज्य नीति के तहत आग्नेयास्त्रों का प्रयोग किया।”

इसके अलावा, एचआरडब्ल्यू ने यह भी आरोप लगाया कि ईरानी अधिकारियों ने पीड़ितों के शव परिवारों को सौंपने से इनकार किया, उन्हें सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार और शोक मनाने का अधिकार नहीं दिया और कुछ मामलों में परिवार की जानकारी या सहमति के बिना शवों को अधिकारियों द्वारा तय स्थानों पर दफना दिया गया।

मानवाधिकार संगठन ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से तत्काल मानवाधिकार परिषद का विशेष सत्र बुलाने की अपील की है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि ईरान में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

 

With inputs from IANS