अमेरिका से बातचीत नहीं करेंगे: ईरान के शीर्ष अधिकारी अली लारीजानीBy Admin Mon, 02 March 2026 10:55 AM

तेहरान - ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने सोमवार को उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि तेहरान अमेरिका के साथ संवाद की कोशिश कर रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच लारीजानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साफ शब्दों में कहा, “हम अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेंगे।”

यह टिप्पणी The Wall Street Journal की उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया था कि लारीजानी ओमान के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ कूटनीतिक संपर्क दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।

इससे पहले रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की थी, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। उन्होंने इन हमलों को अवैध आक्रामकता करार देते हुए कहा था कि तेहरान बिना किसी समझौते के जवाब देगा।

ABC News से बातचीत में अराघची ने वाशिंगटन के तर्कों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, “अमेरिका जो कर रहा है, वह आक्रामकता है। हम जो कर रहे हैं, वह आत्मरक्षा है।”

28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए थे। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु वार्ता चल रही थी और आगे बढ़ रही थी। इसी सैन्य अभियान में आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई।

इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों में मिसाइल हमले किए, जिनका निशाना क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने थे।

संयुक्त राज्य अमेरिका और खाड़ी क्षेत्र के छह देशों ने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें “अंधाधुंध और लापरवाह” बताया तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए “खतरनाक उकसावे” करार दिया।

अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी संयुक्त बयान में अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों ने कई संप्रभु क्षेत्रों पर हमलों की निंदा की।

बयान में कहा गया, “संयुक्त राज्य अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ईरान द्वारा पूरे क्षेत्र में संप्रभु क्षेत्रों के खिलाफ किए गए अंधाधुंध और लापरवाह मिसाइल व ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।”

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए व्यापक अमेरिकी सैन्य हमले को “दुनिया के इतिहास के सबसे बड़े, सबसे जटिल और सबसे प्रभावशाली सैन्य अभियानों में से एक” बताया। उन्होंने आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, “जब तक हमारे सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते।”

 

With inputs from IANS