United Arab Emirates ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलें और 120 से अधिक ड्रोन मार गिराएBy Admin Wed, 04 March 2026 07:33 PM

अबू धाबी। United Arab Emirates के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया और 129 ड्रोन का पता लगाया, जिनमें से 121 को मार गिराया गया, जबकि आठ देश की सीमा के भीतर गिरे।

मंत्रालय के अनुसार, ईरानी हमले की शुरुआत से अब तक यूएई की ओर दागी गई कुल 189 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया गया है। इनमें से 175 को नष्ट कर दिया गया, 13 समुद्र में गिरीं और एक मिसाइल देश की सीमा के भीतर आकर गिरी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में मंत्रालय ने कहा कि 941 ईरानी ड्रोन की पहचान की गई, जिनमें से 876 को मार गिराया गया, जबकि 65 देश के भीतर गिरे। इसके अलावा आठ क्रूज मिसाइलों का भी पता लगाकर उन्हें नष्ट कर दिया गया।

मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों के कारण कुछ सहायक क्षति (कोलैटरल डैमेज) हुई और तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। साथ ही 78 लोग मामूली रूप से घायल हुए, जिनमें अमीराती, मिस्री, सूडानी, इथियोपियाई, फिलीपीनो, पाकिस्तानी, ईरानी, भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, अजरबैजानी, यमनी, युगांडाई, इरीट्रियन, लेबनानी और अफगान नागरिक शामिल हैं।

वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और लड़ाकू विमानों द्वारा ड्रोन व क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के दौरान देश के कई हिस्सों में तेज आवाजें सुनी गईं। इन अभियानों के चलते कुछ नागरिक प्रतिष्ठानों को हल्का से मध्यम स्तर का नुकसान भी हुआ।

मंत्रालय ने इस सैन्य हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन” करार दिया।

बयान में कहा गया कि यूएई को इस बढ़ते तनाव का जवाब देने और अपने क्षेत्र, नागरिकों व निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार है।

रक्षा मंत्रालय ने दोहराया कि वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश की सुरक्षा व स्थिरता को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश का मजबूती से सामना करेगा। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और अफवाहों या अपुष्ट खबरों से बचें।

पश्चिम एशिया में ताजा संघर्ष शनिवार को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ, जिनका उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं और सैन्य ढांचे को कमजोर करना बताया गया।

प्रारंभिक हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व के कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए, जिनमें सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई भी शामिल बताए गए। इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी बलों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए।

 

With inputs from IANS