




नई दिल्ली: ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (Supreme National Security Council) के उप सचिव **गादिर नेजामीपोर** ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के दौरान उसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई और अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के नागरिक ठिकानों पर हमलों के लिए होने दिया।
नई दिल्ली में आयोजित **ब्रिक्स (BRICS)** देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की 16वीं बैठक को संबोधित करते हुए नेजामीपोर ने यूएई के प्रतिनिधि द्वारा ईरान पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम के दौरान पूरी दुनिया ने देखा कि **अमेरिका और इजरायल** ने पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष और **होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)** में तनाव की शुरुआत की।

नेजामीपोर ने आरोप लगाया कि इन हमलों का एक हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात की सीमा में मौजूद सैन्य ठिकानों से किया गया।
उन्होंने कहा, **"यूएई ने इन हमलों की निंदा करने के बजाय सीधे तौर पर सैन्य कार्रवाई में भाग लिया और अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के नागरिक ढांचे, स्कूलों और अस्पतालों पर हमले करने के लिए होने दिया।"**
ईरानी अधिकारी ने उम्मीद जताई कि यूएई भविष्य में अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का सम्मान करेगा और प्रचार तथा टकराव की राजनीति के बजाय शांति, स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग का रास्ता अपनाएगा।
बैठक के दौरान नेजामीपोर ने हमलों में मारे गए बच्चों की तस्वीर वाला एक पोस्टर भी प्रदर्शित किया। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म **एक्स** पर पोस्ट करते हुए कहा कि पोस्टर में अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के पहले दिन मारे गए **मिनाब** के बच्चों को दर्शाया गया है, ताकि दुनिया इन हमलों के मानवीय परिणामों को समझ सके।


ईरानी अधिकारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के राष्ट्रपति **मसूद पेजेशकियन** और अमेरिकी राष्ट्रपति **डोनाल्ड ट्रंप** के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाया गया है, ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अंतिम समझौते के लिए बातचीत की जा सके।
करीब चार महीने तक चले संघर्ष के बाद हुए इस समझौते ने दोनों देशों के बीच बातचीत का नया रास्ता खोला है।
भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, क्षेत्रीय स्थिरता और रणनीतिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
With inputs from IANS
