
वॉशिंगटन: अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ एक और दौर की सैन्य कार्रवाई करते हुए उसके कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने में किया जा सकता है।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 20 जुलाई की रात (अमेरिकी समयानुसार) किए गए हमलों में ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, समुद्री सैन्य क्षमताएं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स तथा एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों का मकसद होरमुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। सेंटकॉम ने दावा किया कि मई की शुरुआत से अब तक उसकी मदद से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से करीब 900 वाणिज्यिक जहाज और 45 करोड़ (450 मिलियन) बैरल कच्चे तेल का सुरक्षित परिवहन संभव हुआ है।
सेंटकॉम ने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सेना आगे भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह बिना किसी उकसावे के होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक जहाजों को निशाना बना रहा है।
होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ कांसुलर अफेयर्स ने दुनियाभर में रहने और यात्रा कर रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए वैश्विक सुरक्षा चेतावनी जारी की है।
विभाग ने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षा स्थिति बेहद जटिल बनी हुई है और हालात कभी भी अचानक बिगड़ सकते हैं। मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने, उड़ानों के रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में संभावित बाधाओं के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी कि केवल मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में स्थित अमेरिकी दूतावासों, राजनयिक प्रतिष्ठानों और अमेरिकी हितों को भी खतरा हो सकता है। मंत्रालय के अनुसार, ईरान या उसके समर्थक समूह दुनिया के विभिन्न देशों में अमेरिकी ठिकानों और नागरिकों को निशाना बना सकते हैं।
अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय प्रशासन, अमेरिकी दूतावासों और आधिकारिक सुरक्षा अलर्ट पर लगातार नजर रखने तथा यात्रा की योजना बनाने से पहले सरकारी यात्रा सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।
With inputs from IANS
