ट्रंप ने लॉन्च किया ‘TrumpRx’, दवाओं की कीमतें घटाने का किया दावाBy Admin Thu, 23 July 2026 01:13 PM

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सरकार के नए **TrumpRx** कार्यक्रम का प्रचार करते हुए दावा किया कि इससे अमेरिकियों को सस्ती दवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दवा कंपनियों को वही कीमतें लागू करनी होंगी, जो वे अन्य विकसित देशों में सबसे कम दर पर वसूलती हैं।

जॉर्जिया के मैरिएटा में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने **"मोस्ट फेवर्ड नेशन" (Most Favoured Nation)** दवा मूल्य नीति लागू की है। इसके तहत अमेरिका में दवाओं की कीमतें दुनिया के विकसित देशों में उपलब्ध सबसे कम कीमत के बराबर करने की कोशिश की जाएगी।

ट्रंप ने कहा, "हमारी 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' नीति का मतलब है कि दुनिया के किसी भी देश में यदि कोई दवा सबसे कम कीमत पर बिक रही है, तो अमेरिका को भी वही सबसे अनुकूल कीमत मिलनी चाहिए।"

उन्होंने दावा किया कि इस नीति के जरिए अमेरिकी इतिहास में पहली बार दवाओं की कीमतों में 400, 500 और यहां तक कि 600 प्रतिशत तक की कमी लाई जा रही है।

ट्रंप ने कहा कि दशकों तक अमेरिका में लोगों को दुनिया में सबसे महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती थीं, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

उन्होंने कहा, "पहले अमेरिकी दुनिया में सबसे ज्यादा कीमत चुकाते थे, लेकिन अब हम दुनिया में सबसे कम कीमत पर दवाएं खरीद रहे हैं। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं की लागत और लोगों के खर्च पर पड़ेगा।"

राष्ट्रपति ने लोगों से **TrumpRx.gov** पोर्टल का इस्तेमाल कर दवाओं की कीमतों की तुलना करने की अपील की। उन्होंने कहा, "बस TrumpRx.gov पर जाइए, वहां आपको ऐसी कीमतों पर दवाएं मिलेंगी, जिन पर शायद आपको यकीन भी नहीं होगा। चाहें तो अपने स्थानीय स्टोर में जाकर कीमत मिलाइए, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई उनसे मुकाबला कर पाएगा।"

ट्रंप ने दावा किया कि यूरोप में वही दवाएं, जो अमेरिका में 100 से 120 डॉलर में बिकती हैं, लंदन या म्यूनिख जैसे शहरों में केवल 10 डॉलर में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अमेरिकी उपभोक्ताओं के साथ अन्याय थी और इसे बदलना जरूरी था।

उन्होंने बताया कि इस नीति को लागू करने के लिए उनकी सरकार को दवा कंपनियों के साथ-साथ कई विदेशी सरकारों से भी बातचीत करनी पड़ी।

ट्रंप ने कहा, "मैंने दवा कंपनियों से बात की और उन्होंने काफी विरोध किया। लेकिन आखिरकार उन्हें मानना पड़ा, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि मैं दूसरे देशों को भी इस पर राजी कर लूंगा।"

उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। ट्रंप के अनुसार, उन्होंने मैक्रों से कहा कि फ्रांस को दवाओं की कीमतें बढ़ानी चाहिए ताकि अमेरिका पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

ट्रंप ने दावा किया कि शुरुआत में मैक्रों इसके लिए तैयार नहीं थे, लेकिन अमेरिकी टैरिफ लगाने की चेतावनी के बाद उन्होंने सहमति दे दी।

उन्होंने कहा, "हमने फ्रांस के साथ ऐसा किया और बाकी देशों के साथ भी। अब हमारे पास 'फेवर्ड नेशन' नीति है और हम दुनिया में सबसे ऊंची कीमतों की जगह सबसे कम कीमत पर दवाएं खरीद रहे हैं।"

ट्रंप ने इस पहल को अपनी सरकार के सबसे बड़े स्वास्थ्य सुधारों में से एक बताया और कहा कि यह आगामी मध्यावधि चुनावों में भी अहम मुद्दा बन सकता है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मानना है कि वर्षों से अमेरिकी उपभोक्ता दूसरे विकसित देशों में सस्ती दवाओं का अप्रत्यक्ष रूप से बोझ उठाते रहे हैं। इसलिए दवाओं की कीमतों में कमी लाना उनकी घरेलू स्वास्थ्य नीति की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर स्वतंत्र पुष्टि या विस्तृत सरकारी आंकड़े इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं हैं।
 

With inputs from IANS