
Photo: IANS
रूस की राजधानी मॉस्को पर यूक्रेन की ओर से दो वर्षों में सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने मंगलवार को बताया कि रात से सुबह तक मॉस्को क्षेत्र की ओर 620 मानवरहित हवाई वाहन (UAV) भेजे गए, जिनमें से 180 को नष्ट कर दिया गया।
सोबयानिन के अनुसार, ड्रोन हमले की शुरुआत सोमवार शाम से हुई और मंगलवार सुबह 5 बजे तक जारी रही। उन्होंने कहा कि ड्रोन का मलबा जिन स्थानों पर गिरा, वहां आपातकालीन सेवाओं की टीमें काम कर रही हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले में किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर नुकसान की तत्काल सूचना नहीं मिली है।
हवाई हमले के खतरे को देखते हुए मॉस्को के व्नुकोवो, झुकोवस्की और डोमोडेडोवो हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। शेरेमेत्येवो एयरपोर्ट पर भी आंशिक प्रतिबंध लागू किए गए। इससे राजधानी के हवाई यातायात पर असर पड़ा और यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मॉस्को पर ड्रोन हमले का पिछला रिकॉर्ड रविवार रात बना था, जब करीब 600 ड्रोन के जरिए राजधानी को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। नए हमले में यह संख्या और बढ़ गई, जिससे रूस की राजधानी के आसपास हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच ड्रोन हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं, जबकि कई हमलों में नागरिक इलाकों पर भी असर पड़ा है।
12 अगस्त को यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस के नोवोरोस्सिस्क शहर में तीन लोगों की मौत और आठ अन्य के घायल होने की सूचना मिली थी। क्रास्नोडार के गवर्नर वेनियामिन कोंद्रात्येव ने इसकी पुष्टि की थी।
हमले के बाद नोवोरोस्सिस्क के मेयर आंद्रेई क्रावचेंको ने शहर में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी थी। हमले में कई शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा था और दो मुख्य जल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे शहर की जलापूर्ति प्रभावित हुई। अधिकारियों के मुताबिक, एक पाइपलाइन की मरम्मत कर दी गई, जबकि दूसरी पर काम जारी था।
रूस के अन्य क्षेत्रों से भी ड्रोन हमलों में नागरिकों के हताहत होने की खबरें सामने आईं। बेलगोरोद क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान हुए ड्रोन हमलों में दो लोगों की मौत और तीन के घायल होने की सूचना दी गई। रूस के नियंत्रण वाले लुहांस्क क्षेत्र में एक बच्चे की मौत हुई, जबकि एक किशोर और सात वयस्क घायल हुए। क्रीमिया में भी एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बाद में दावा किया कि नोवोरोस्सिस्क में किया गया हमला रूस के नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाकर किया गया था। काला सागर में मौजूद यह नौसैनिक अड्डा रूसी बेड़े के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
जेलेंस्की के मुताबिक, हमले में रूसी वायु रक्षा ठिकानों, जहाजों के ठहरने वाले पियर्स और बंदरगाह से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
मॉस्को पर ताजा हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष में ड्रोन युद्ध की भूमिका लगातार बढ़ रही है। लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण हथियार बन चुके हैं और राजधानी तथा रणनीतिक सैन्य ठिकानों तक पहुंचने की उनकी क्षमता युद्ध के बदलते स्वरूप को दर्शाती है।
With inputs from IANS