UNSC की आतंकवाद निगरानी टीम ने लाल किला विस्फोट को AQIS से जोड़ा, दक्षिण एशिया में बढ़ते खतरे पर जताई चिंताBy Admin Thu, 13 August 2026 02:14 PM

Photo: IANS

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आतंकवाद निगरानी टीम ने दिल्ली के लाल किला इलाके में पिछले साल हुए घातक आत्मघाती कार बम विस्फोट को अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जोड़ते हुए चेतावनी दी है कि यह संगठन पूरे क्षेत्र में अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई थी।

सुरक्षा परिषद की Analytical Support and Sanctions Monitoring Team की आतंकवाद संबंधी रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले नवंबर में हुआ यह हमला आधिकारिक तौर पर AQIS को जिम्मेदार ठहराया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन अब एक बिखरे हुए समूह से विकसित होकर अधिक विकेंद्रीकृत क्षेत्रीय आतंकवादी संगठन का रूप ले रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS ने अपनी गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक्स और वित्तीय नेटवर्क तैयार किए हैं और बड़े संगठित समूहों के बजाय छोटे तथा अलग-अलग सेल के जरिए काम करने की रणनीति अपना रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की संरचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए आतंकवादी नेटवर्क की पहचान और उसे समय रहते ध्वस्त करना अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

रिपोर्ट में बांग्लादेश को लेकर भी विशेष चिंता जताई गई है। निगरानी टीम ने कहा कि AQIS वहां अपने सेल स्थापित करने के लिए परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। टीम ने व्यापक रूप से दक्षिण एशिया में आतंकवादी खतरों के और तेज होने की चेतावनी दी है।

रिपोर्ट में बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता के बाद वहां आतंकवादी संगठनों के लिए संभावित अनुकूल परिस्थितियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने और देश से बाहर जाने के बाद क्षेत्र में इस बात की आशंका बढ़ी है कि कट्टरपंथी और आतंकवादी संगठन अस्थिर परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

AQIS की स्थापना 2014 में अल-कायदा के तत्कालीन नेता अयमान अल-जवाहिरी ने की थी। संयुक्त राष्ट्र की यह निगरानी टीम अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से संबंधित प्रतिबंध समितियों के साथ-साथ तालिबान से संबंधित समिति को भी आतंकवादी संगठनों और उनके नेटवर्क पर जानकारी उपलब्ध कराती है।

न्यूयॉर्क स्थित इस टीम में 10 विशेषज्ञ शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर आतंकवादी संगठनों और उनके सहयोगी नेटवर्क से जुड़े खतरों की निगरानी करते हैं। उनकी रिपोर्ट और आकलन के आधार पर सुरक्षा परिषद की संबंधित प्रतिबंध समितियां आतंकवादी संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधों पर निर्णय लेती हैं।

रिपोर्ट को जारी किए जाने की प्रक्रिया भी कुछ समय तक लंबित रही। जून में कोलंबिया की अध्यक्षता के अंतिम दिनों में टीम के समन्वयक कॉलिन स्मिथ ने इसे सीधे सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को भेजा था। जुलाई में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की अध्यक्षता के दौरान भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई। इसके बाद अगस्त में डेनमार्क की स्थायी प्रतिनिधि क्रिस्टीना मार्कुस लासेन के सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालने के बाद इसे हाल में जारी किया गया।

लाल किला हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के ताजा निष्कर्ष इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि टीम की फरवरी में जारी पिछली रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के इस हमले से जुड़े होने की बात कही गई थी। नई रिपोर्ट में हमले की जिम्मेदारी AQIS से जोड़ने की बात सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र की 1267 समिति के अनुसार, JeM के अल-कायदा के साथ करीबी संबंध रहे हैं।

लाल किला विस्फोट ने भारत में आतंकवाद के बदलते स्वरूप की ओर भी ध्यान खींचा। जांच के दौरान कई उच्च शिक्षित पेशेवरों की कथित संलिप्तता सामने आई और कम से कम चार डॉक्टरों को हमले में भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

हमले में विस्फोटकों से भरी कार चलाने वाले आत्मघाती हमलावर की पहचान उमर-उन-नबी के रूप में हुई थी। वह फरीदाबाद स्थित एक विश्वविद्यालय में जनरल मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर था।

रिपोर्ट में पाकिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। निगरानी टीम के अनुसार, TTP अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर रहा है और कश्मीर तथा गिलगित के लिए अलग-अलग डिवीजन तैयार कर रहा है। रिपोर्ट में गिलगित को पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र के रूप में संदर्भित किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र की ताजा चेतावनी ऐसे समय आई है जब दक्षिण एशिया में आतंकवादी संगठनों के छोटे, विकेंद्रीकृत नेटवर्क, सीमा पार संपर्क और वित्तीय ढांचे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ रही है। रिपोर्ट का आकलन है कि आतंकवादी संगठन बड़े ठिकानों पर निर्भर रहने के बजाय छोटे सेल और स्थानीय नेटवर्क के जरिए अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
 

With inputs from IANS