नेपाल में बाढ़ का कहर: 11 हाइड्रोपावर परियोजनाओं से जुड़े 934 लोग अब भी संपर्क से बाहरBy IANS Sat, 29 August 2026 06:12 PM

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नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों में 11 जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े कुल 934 लोग अब तक संपर्क में नहीं आ पाए हैं। देश में निजी बिजली उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन Independent Power Producers' Association, Nepal (IPPAN) ने यह जानकारी दी है।

IPPAN के मुताबिक, रसुवा की छह जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 730 लोग और नुवाकोट की पांच परियोजनाओं से जुड़े 204 लोग बाढ़ के बाद से लापता या संपर्क से बाहर हैं। 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने दोनों जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई और जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ सड़क, पुल तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया।

सबसे ज्यादा लोग रसुवा में निर्माणाधीन 216 मेगावाट की Upper Trishuli-1 Hydropower Project से जुड़े हैं। IPPAN के अनुसार, इस परियोजना से जुड़े 576 लोग अब तक संपर्क में नहीं आए हैं। इस परियोजना का निर्माण Nepal Water and Energy Development Company (NWEDC) कर रही है, जिसे दक्षिण कोरियाई निवेशकों, World Bank Group की International Finance Corporation (IFC) और स्थानीय साझेदारों का समर्थन प्राप्त है।

नुवाकोट की 37 मेगावाट क्षमता वाली Upper Trishuli-3B Hydropower Project से जुड़े 158 लोग भी अब तक संपर्क से बाहर हैं। वहीं 111 मेगावाट की Rasuwagadhi Hydropower Project से जुड़े 93 लोगों का भी अभी पता नहीं चल पाया है। संपर्क से बाहर लोगों की संख्या के लिहाज से यह तीसरी सबसे प्रभावित परियोजना है।

बाकी 107 लोग आठ अन्य जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं। इनमें कुछ परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं, जबकि कुछ पहले से बिजली उत्पादन कर रही हैं।

IPPAN के अनुसार, 26 अगस्त की बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट में कुल 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इन सभी परियोजनाओं की संयुक्त स्थापित क्षमता 675.6 मेगावाट है। परियोजनाओं को हुए नुकसान से नेपाल के बिजली उत्पादन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ने की आशंका है।

नेपाल की National Disaster Risk Reduction and Management Authority (NDRRMA) के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे तक बाढ़ से बरामद किए गए 626 शव एकत्र किए जा चुके थे। वहीं कुल 2,426 लोग अब भी संपर्क से बाहर बताए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि प्रभावित इलाकों में राहत और खोज-बचाव अभियान के सामने चुनौती अभी काफी बड़ी है।

भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ ने नेपाल के इन पर्वतीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। तेज बहाव ने कई जगह सड़कों और पुलों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि जलविद्युत परियोजनाओं की मशीनरी और निर्माण ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

बड़ी संख्या में लोगों के अब भी संपर्क से बाहर होने के कारण राहत एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के लिए प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बनाना और लापता लोगों का पता लगाना है। साथ ही, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की वजह से बचाव अभियान को भी कई स्थानों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।