एससीओ सम्मेलन में मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात, हाथ मिलाकर की बातचीतBy IANS Tue, 01 September 2026 11:54 AM

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और सम्मेलन स्थल की ओर साथ-साथ चलते हुए कुछ देर बातचीत भी की।

दोनों नेताओं की यह अनौपचारिक मुलाकात उस समय हुई जब वे अन्य राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ समूह तस्वीर खिंचवाने के बाद कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे। तस्वीर के लिए साथ खड़े होने के बाद मोदी और शी को आपस में बातचीत करते देखा गया। इसके बाद दोनों नेता कुछ दूरी तक साथ चले और इस दौरान एक-दूसरे से हाथ भी मिलाया।

मोदी और शी की पिछली मुलाकात अगस्त 2025 में तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। ऐसे में बिश्केक में दोनों नेताओं की बातचीत को भारत और चीन के बीच उच्चस्तरीय संपर्क के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे। सम्मेलन स्थल पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भारत इस संगठन का 2017 से सदस्य है और क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क तथा आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर SCO के मंच का इस्तेमाल करता रहा है।

SCO में 10 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। संगठन के साथ पर्यवेक्षक और संवाद साझेदार देशों का भी व्यापक समूह जुड़ा हुआ है।

सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कई द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान के साथ बातचीत की।

मोदी ने सोमवार को बिश्केक में आयोजित वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगिता में भाग ले रहे भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री मोदी रविवार को उज्बेकिस्तान में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद बिश्केक पहुंचे थे। किर्गिस्तान की राजधानी में भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रवासी भारतीयों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ प्रधानमंत्री का अभिवादन किया।

उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की अपनी दो देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले शनिवार को जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत 2017 से SCO का एक "सक्रिय और रचनात्मक सदस्य" रहा है।

उन्होंने कहा था कि भारत क्षेत्र के लिए अपनी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहता है, जिसका आधार सुरक्षा, संपर्क और अवसर हैं। साथ ही भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त क्षेत्र के निर्माण की दिशा में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बिश्केक में मोदी की मौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और SCO के जरिए क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहा है। वहीं, सम्मेलन के दौरान मोदी और शी की बातचीत ने भारत-चीन संबंधों को लेकर भी ध्यान खींचा है।