ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का दावा, कुवैत, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर किए हमलेBy IANS Wed, 02 September 2026 03:47 PM

Photo: IANS

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को दावा किया कि उसने कुवैत, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी ने कुवैत में अली अल-सलेम अमेरिकी बेस, जॉर्डन में अमेरिकी मरीन से जुड़े एक सैन्य शिविर और इराक के एरबिल में अमेरिकी ठिकाने पर कार्रवाई की।

ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि कुवैत स्थित अली अल-सलेम बेस पर कार्रवाई के दौरान अमेरिकी कमांडर के रहने के स्थान और कमांड पोस्ट को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी ने दावा किया कि इस अभियान से यह संदेश गया है कि उसे पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और आवाजाही से जुड़ी खुफिया जानकारी की व्यापक जानकारी है।

ईरान की सरकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के मुताबिक, आईआरजीसी ने जॉर्डन के अकाबा की खाड़ी के पास स्थित कैंप टिशन में अमेरिकी मरीन बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का भी दावा किया। ईरान ने इसे सिरिक में एक विवाह समारोह पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया।

आईआरजीसी के अनुसार, जॉर्डन में किए गए हमले में कई सैन्य सुविधाओं और हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुंचा तथा अमेरिकी बलों को भारी नुकसान हुआ। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने इराक के एरबिल में एक अमेरिकी ठिकाने पर निगरानी गुब्बारे की नियंत्रण प्रणाली को नष्ट करने का भी दावा किया। ईरानी पक्ष ने इसे सिरिक में अमेरिकी हमले में हुई मौतों का बदला बताया।

आईआरजीसी की ग्राउंड फोर्सेज ने एरबिल में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा करते हुए कहा कि एक रखरखाव केंद्र और तकनीकी उपकरणों से भरे गोदामों को नष्ट कर दिया गया। उसके मुताबिक, इस कार्रवाई में कई अमेरिकी कर्मी मारे गए और ईंधन भंडारण सुविधाओं में आग लग गई।

इस बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बुधवार को दावा किया कि सिरिक में एक घर पर हुए अमेरिकी हमले में 50 से अधिक लोग मारे गए या घायल हुए। उनके अनुसार, जिस घर को निशाना बनाया गया, वहां विवाह समारोह चल रहा था।

बघाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सिरिक के कुहिस्तक इलाके में एक आवासीय घर को उस समय निशाना बनाया गया जब परिवार शादी का जश्न मना रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में 50 से अधिक निर्दोष पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए या घायल हुए।

उन्होंने इस घटना को मिनाब, लामेर्ड, किश्म और अन्य स्थानों पर हुई घटनाओं की कथित श्रृंखला से जोड़ते हुए अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की। बघाई ने कहा कि हमलों को राजनीतिक कारणों से सही ठहराने या उनकी अनदेखी करने से ऐसी घटनाओं को सामान्य मान लिए जाने का खतरा बढ़ता है।

ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अमेरिकी हमलों का कड़ा जवाब देगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि कथित हमलों के सामने चुप रहना तटस्थता नहीं माना जा सकता।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि गैरकानूनी हमलों और गंभीर अपराधों को राजनीतिक सुविधा के लिए नजरअंदाज किया जाता रहा तो इससे उन्हें दोहराए जाने का खतरा बढ़ सकता है।

आईआरजीसी के दावों से क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ने की आशंका है। हालांकि, कुवैत, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर कथित हमलों, नुकसान और हताहतों से जुड़े ईरानी दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।