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यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि लाल सागर तट पर रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जे के बाद उन्होंने सरकारी बलों द्वारा बंदी बनाए गए अपने 210 सदस्यों को जेल से मुक्त करा लिया।
हूती सैन्य अधिकारी ने रविवार को शिन्हुआ को बताया कि हूती लड़ाकों ने दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत में स्थित मोचा शहर पर कब्जे के बाद एक सरकारी जेल पर धावा बोलकर वहां बंद अपने सदस्यों को रिहा कराया।
गोपनीयता की शर्त पर बात करने वाले अधिकारी ने कहा कि सरकारी बलों ने पीछे हटने से पहले सभी 210 कैदियों को एक बड़े हॉल में इकट्ठा कर बंद कर दिया था। इसके बाद हूती लड़ाकों ने जेल में प्रवेश कर उन्हें मुक्त करा लिया।
हूती संचालित अल-मसीरा टीवी ने भी शनिवार को 210 रिहा किए गए कैदियों के सना पहुंचने की पुष्टि की।
यमन की सरकार की ओर से कैदियों की रिहाई पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। दोनों पक्षों के बीच कैदियों की अदला-बदली को लेकर मई में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में जॉर्डन में बातचीत हुई थी। इसमें करीब 1,750 बंदियों की अदला-बदली पर सहमति बनी थी। यह यमन में संघर्ष शुरू होने के बाद कैदियों की अदला-बदली से जुड़ा सबसे बड़ा प्रस्ताव था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया जा सका है।
कैदियों की रिहाई ऐसे समय हुई है जब हूतियों ने 3 सितंबर से यमन के लाल सागर तट के साथ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर रखा है। इस अभियान के दौरान हूतियों ने मोचा और मायून द्वीप पर कब्जा करने का दावा किया है और दक्षिण की ओर लहज प्रांत की तरफ बढ़ रहे हैं। इससे लड़ाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के मुख्यालय अदन के और करीब पहुंच गई है।
इस बीच, हूतियों ने रविवार को यह भी दावा किया कि उन्होंने दक्षिणी सऊदी अरब में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमला किया।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि हमला सऊदी शहर शरूराह के एक सैन्य अड्डे पर किया गया। यह शहर यमन की सीमा के करीब स्थित है। उनके अनुसार, हमले में हथियारों के भंडार और कमांड एवं कंट्रोल सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
सरीया ने दावा किया कि हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन की “बड़ी बौछार” का इस्तेमाल किया गया और कई लक्ष्यों पर सीधे प्रहार किया गया। हालांकि, उन्होंने हमले में हुए नुकसान या संभावित हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
हूती प्रवक्ता ने इस हमले को यमन में सऊदी सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया और चेतावनी दी कि यदि तनाव बढ़ाया गया तो संगठन सऊदी क्षेत्र के भीतर और गहराई तक “बड़े अभियानों” के साथ जवाब देगा।
यमन में मौजूदा संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ था, जब हूतियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।
तब से यमन लंबे समय से संघर्ष, मानवीय संकट और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ है।