इंडिगो से जुड़ी बाधाओं के बावजूद नवंबर में भारत की घरेलू हवाई यात्री संख्या 7 प्रतिशत बढ़ीBy Admin Tue, 30 December 2025 09:08 AM









नई दिल्ली- एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की घरेलू हवाई यात्री संख्या नवंबर 2025 में साल-दर-साल (योय) आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 1.52 करोड़ तक पहुंच गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से त्योहारी मौसम की मजबूत मांग के चलते दर्ज की गई, हालांकि महीने के अंत की ओर रफ्तार कुछ धीमी पड़ी।

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2025 के मध्य तक परिचालन सामान्य होने के साथ यात्री संख्या स्थिर हुई, लेकिन मौसम से जुड़ी बाधाओं का असर ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (ओटीपी) और उड़ानों के रद्द होने पर पड़ा।

हालांकि, दिसंबर 2025 में अब तक के दैनिक रुझान साल-दर-साल आधार पर लगभग सपाट वृद्धि दर्शाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इसका प्रमुख कारण महीने के पहले हिस्से में इंडिगो को झेलनी पड़ी व्यापक परिचालन संबंधी समस्याएं रहीं।

इंडिगो को खराब मौसम, सॉफ्टवेयर से जुड़ी दिक्कतों और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के क्रियान्वयन के कारण व्यवधानों का सामना करना पड़ा। इसके चलते नवंबर 2025 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी महीने-दर-महीने आधार पर 200 बेसिस प्वाइंट घटकर 63.6 प्रतिशत रह गई।

वहीं, स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी 110 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 3.7 प्रतिशत हो गई। इसे अतिरिक्त स्लॉट्स, बेड़े के विस्तार और शीतकालीन शेड्यूल में उपलब्ध सीट किलोमीटर में वृद्धि का समर्थन मिला। एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी भी 100 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 26.7 प्रतिशत पर पहुंच गई।

नवंबर 2025 में प्रमुख एयरलाइनों के यात्री लोड फैक्टर (पीएलएफ) में सुधार देखा गया। इस दौरान एयर इंडिया समूह ने 10.2 प्रतिशत की सबसे अधिक मासिक बढ़ोतरी के साथ बढ़त बनाई। इंडिगो और स्पाइसजेट का पीएलएफ क्रमशः 88.7 प्रतिशत और 87.7 प्रतिशत रहा, जबकि अकासा ने 93.8 प्रतिशत का उच्च पीएलएफ दर्ज किया।

महीने के दौरान उड़ानों के रद्द होने की प्रवृत्ति मिश्रित रही। इंडिगो ने 1.57 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक कैंसलेशन रेट दर्ज किया, जो महीने-दर-महीने आधार पर 0.48 प्रतिशत से अधिक है।

मौसम संबंधी व्यवधानों के कारण समय पर उड़ान प्रदर्शन भी कमजोर पड़ा। इंडिगो का ओटीपी 84.1 प्रतिशत से गिरकर 69 प्रतिशत रह गया, एयर इंडिया समूह का ओटीपी 79.3 प्रतिशत से घटकर 69.1 प्रतिशत रहा, जबकि स्पाइसजेट ने 48.4 प्रतिशत के साथ सबसे कम ओटीपी दर्ज किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रिफाइनिंग मार्जिन में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को देखते हुए जनवरी 2025 में विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में महीने-दर-महीने आधार पर 5–6 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। वर्तमान में दिल्ली में एटीएफ की कीमत लगभग 99.7 रुपये प्रति लीटर है।

 

With inputs from IANS

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