पशुधन क्षेत्र से मजबूत हो रही भारत की कृषि अर्थव्यवस्थाBy Admin Thu, 08 January 2026 06:00 AM









नई दिल्ली। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पशुधन क्षेत्र लगातार भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है और वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक 12.77 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से आगे बढ़ रहा है।

कुल कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में पशुधन क्षेत्र का योगदान 2014-15 में 24.38 प्रतिशत था, जो 2023-24 में (वर्तमान कीमतों पर) बढ़कर 30.87 प्रतिशत हो गया है। वहीं, कुल जीवीए में पशुधन क्षेत्र का योगदान 2023-24 में 5.49 प्रतिशत रहा है। यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने दी।

भारत दूध उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर है और वैश्विक दूध उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है। देश में दूध उत्पादन पिछले 11 वर्षों में 5.41 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ा है, जो 2014-15 में 146.31 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 247.87 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

सरकारी बयान के अनुसार, वर्ष 2024 में वैश्विक दूध उत्पादन में 2023 की तुलना में केवल 1.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई। भारत में 2024-25 के दौरान प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन रही, जबकि 2024 में वैश्विक औसत 328 ग्राम प्रतिदिन था।

खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के कॉर्पोरेट सांख्यिकी डेटाबेस (एफएओस्टैट) के 2023 के उत्पादन आंकड़ों के अनुसार, भारत अंडा उत्पादन में दुनिया में दूसरे और मांस उत्पादन में चौथे स्थान पर है।

देश में अंडा उत्पादन 2014-15 में 78.48 अरब से बढ़कर 2024-25 में 149.11 अरब हो गया है। पिछले 11 वर्षों में इसमें 6.63 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति अंडा उपलब्धता भी 2014-15 में 62 अंडों से बढ़कर 2024-25 में 106 अंडे प्रतिवर्ष हो गई है।

वहीं, मांस उत्पादन 2014-15 में 6.69 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 10.50 मिलियन टन तक पहुंच गया है। इस दौरान मांस उत्पादन में 4.61 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई है।

 

With inputs from IANS

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