एंजेल वन का Q3 मुनाफा 4 प्रतिशत घटकर 269 करोड़ रुपये रहाBy Admin Fri, 16 January 2026 05:27 AM









मुंबई: शेयर ब्रोकिंग कंपनी एंजेल वन लिमिटेड ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने समेकित शुद्ध मुनाफे में साल-दर-साल (YoY) आधार पर 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। कंपनी का शुद्ध लाभ घटकर 269 करोड़ रुपये रहा।

नतीजों के साथ ही कंपनी के बोर्ड ने 23 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड देने और 1:10 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी दी है। यह जानकारी कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी।

तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 5.8 प्रतिशत की सालाना बढ़त के साथ 1,334.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 1,262.2 करोड़ रुपये था।

EBITDA 6.7 प्रतिशत बढ़कर 529.1 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 495.9 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन में मामूली सुधार हुआ और यह 39.3 प्रतिशत से बढ़कर 39.6 प्रतिशत पर पहुंच गया।

तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। Q3 FY26 में समेकित सकल रेवेन्यू 11.1 प्रतिशत बढ़कर 1,337.7 करोड़ रुपये हो गया, जो Q2 FY26 में 1,204.2 करोड़ रुपये था।

समेकित EBDAT 24.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 405 करोड़ रुपये रहा और इसका मार्जिन 34.5 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत हो गया।

ब्रोकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार (म्यूचुअल फंड और क्रेडिट सहित) से EBDAT तिमाही-दर-तिमाही 25.3 प्रतिशत बढ़कर 433.6 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस सेगमेंट का मार्जिन भी Q2 FY26 के 37.7 प्रतिशत से बढ़कर 43 प्रतिशत हो गया।

समेकित कर पश्चात लाभ (PAT) में तिमाही-दर-तिमाही 26.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 268.7 करोड़ रुपये रहा। वहीं, ब्रोकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार से मुनाफा 27.4 प्रतिशत बढ़कर 301 करोड़ रुपये हो गया।

ब्रोकिंग सेगमेंट में क्लाइंट फंडिंग बुक दिसंबर 2025 तक बढ़कर 5,860 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 10.4 प्रतिशत अधिक है।

नॉन-ब्रोकिंग कारोबार में तिमाही के दौरान यूनिक SIP की संख्या बढ़कर 23 लाख पहुंच गई, जबकि क्रेडिट डिस्बर्सल्स तिमाही-दर-तिमाही 55.7 प्रतिशत उछलकर 710 करोड़ रुपये हो गए।

कंपनी के वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) तिमाही-दर-तिमाही 33.7 प्रतिशत बढ़कर 8,220 करोड़ रुपये हो गया।

 

WIth inputs from IANS

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