संशोधित महंगाई आंकड़े और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विवरण अगले सप्ताह बाजार की दिशा तय करेंगेBy Admin Sun, 08 February 2026 11:05 AM

नई दिल्ली – आने वाले सप्ताह में घरेलू और वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। इनमें 2024 को आधार वर्ष मानकर जारी होने वाले महंगाई के संशोधित आंकड़े और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ी नई जानकारी प्रमुख रहेगी।

भारत में निवेशकों की नजर 12 फरवरी को जारी होने वाले खुदरा महंगाई (रिटेल इंफ्लेशन) के आंकड़ों पर रहेगी, जो नए आधार वर्ष के साथ सामने आएंगे। इसके बाद 13 फरवरी को थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े जारी होंगे, जो कीमतों के रुझान और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता का संकेत देंगे।

विश्लेषकों के अनुसार, भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। इसके साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजों का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे खास शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

वैश्विक स्तर पर निवेशक अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और हालिया गिरावट के बाद नैस्डैक कंपोजिट के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत भी बाजार के लिए अहम रहेगी। यदि इन वार्ताओं में कोई बाधा आती है, तो वैश्विक वित्तीय और कमोडिटी बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और मध्य-पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका भी पैदा हो सकती है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद ऐतिहासिक निचले स्तर से मजबूत वापसी करने वाले भारतीय रुपये की चाल और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का रुझान भी बाजार की निकट अवधि की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि ये कारक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और बाजार में तरलता की स्थिति के संकेतक होंगे।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट 2026 और भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के फैसलों को बाजार काफी हद तक आत्मसात कर चुका है। अब निवेशकों का ध्यान योजनाओं के क्रियान्वयन, पूंजीगत व्यय और वास्तविक खर्च की गति पर केंद्रित हो गया है।

विश्लेषकों का कहना है कि बाजार का समग्र रुख सतर्क आशावादी बना हुआ है और निकट भविष्य में बाजार घटनाक्रम आधारित बना रह सकता है, जिसमें वैश्विक संकेत, पूंजी प्रवाह और मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति अहम भूमिका निभाएगी।

पिछले सप्ताह निफ्टी सूचकांक में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यह सूचकांक 26,341 के साप्ताहिक उच्च स्तर और 24,679 के निचले स्तर के बीच रहने के बाद 25,693.70 पर बंद हुआ और 868 अंकों की मजबूत बढ़त दर्ज की।

साप्ताहिक चार्ट पर निफ्टी ने मजबूत बुलिश कैंडल बनाई और 20-सप्ताह की ईएमए से ऊपर बंद हुआ, जो मध्यम अवधि में सकारात्मक रुझान और निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

चॉइस ब्रोकिंग के तकनीकी शोध विश्लेषक आकाश शाह के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,800 का स्तर तात्कालिक प्रतिरोध के रूप में है, जिसके बाद 26,000 और 26,200 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं, नीचे की ओर 25,500 और 25,200 पर समर्थन देखा जा रहा है। यदि सूचकांक 25,100 के नीचे जाता है, तो गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।

 

With inputs from IANS