




नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (अतिरिक्त कर) में बढ़ोतरी की है, जबकि पेट्रोल निर्यात पर लागू कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई दरें मंगलवार से प्रभावी हो गई हैं।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, डीजल निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को 13.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

वहीं, एटीएफ निर्यात पर कर में अधिक बढ़ोतरी करते हुए इसे 9.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 12.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
हालांकि, पेट्रोल निर्यात पर एसएईडी की दर 1.5 रुपये प्रति लीटर पर ही बरकरार रखी गई है। संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लागू मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
इससे पहले मई में सरकार ने 1 जून से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात शुल्क में संशोधन किया था। उस समय पेट्रोल पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर की दर तय की गई थी।
मार्च में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले तथा उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई के बीच डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क लगाया गया था।


सरकार ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने और निर्यात को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से विंडफॉल टैक्स लागू किया था।
इससे पहले अप्रैल में केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से हाई-स्पीड डीजल पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी की थी। उस दौरान डीजल पर निर्यात शुल्क 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था, यानी इसमें 34 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
एक अलग अधिसूचना में सरकार ने वित्त अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत डीजल पर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को बढ़ाकर 36 रुपये प्रति लीटर कर दिया था।
With inputs from IANS
