एक दशक में 10 गुना बढ़ा भारत का SIP निवेश, मासिक योगदान 30,000 करोड़ रुपये के पारBy Admin Sat, 13 June 2026 02:46 PM

नई दिल्ली: भारत में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश का दायरा पिछले दस वर्षों में लगभग 10 गुना बढ़ गया है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मई 2016 में जहां मासिक SIP निवेश 3,189 करोड़ रुपये था, वहीं मई 2026 में यह बढ़कर 30,954 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

वैल्यूमेट्रिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी, कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों के बावजूद SIP निवेशकों का भरोसा कायम रहा और निवेश लगातार बढ़ता गया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि मई 2026 तक कुल सक्रिय SIP खातों की संख्या 1,047 लाख (10.47 करोड़) पहुंच गई। हालांकि, मई महीने में शुद्ध रूप से केवल 2.5 लाख नए SIP खाते जुड़े।

एक वर्ष पहले मई 2025 में कुल सक्रिय SIP खातों की संख्या 906 लाख थी, जिससे साल-दर-साल आधार पर 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। मई 2026 में 54.2 लाख नए SIP पंजीकरण हुए, जबकि 51.7 लाख खातों में निवेश बंद हुआ या उनकी अवधि पूरी हो गई। इससे SIP निवेशकों के बीच बढ़ते ‘चर्न’ यानी खातों के खुलने और बंद होने की प्रवृत्ति का संकेत मिलता है।

मार्च और अप्रैल 2026 में शुद्ध SIP वृद्धि लगभग शून्य रही और दोनों महीनों में 0.6 लाख खातों की शुद्ध कमी दर्ज की गई। इसके बावजूद म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (AUM) मई के अंत तक बढ़कर 81.6 लाख करोड़ रुपये हो गईं।

रिपोर्ट के अनुसार, सक्रिय इक्विटी म्यूचुअल फंडों में मई के दौरान 57,604 करोड़ रुपये का सकल निवेश आया। वहीं, सक्रिय इक्विटी और हाइब्रिड फंडों में संयुक्त रूप से 33,468 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। आर्बिट्राज फंडों को छोड़कर हाइब्रिड फंडों में 4,862 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया।

हालांकि नए SIP पंजीकरण अभी भी मजबूत बने हुए हैं और यह कुल सक्रिय खातों का 5.2 प्रतिशत हैं, लेकिन 5 प्रतिशत खातों के बंद होने या समाप्त होने की दर भी लगभग बराबर पहुंच गई है।

इस बीच, गोल्ड ETF में मई के दौरान 725 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जिससे साल की शुरुआत में दिखी मजबूत निवेश प्रवृत्ति पर विराम लगा। वहीं सक्रिय इक्विटी फंडों में शुद्ध निवेश 22,908 करोड़ रुपये रहा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद खुदरा निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी हुई है। मई 2026 में SIP के जरिए कुल 30,954 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि SIP के तहत प्रबंधित कुल परिसंपत्तियां 17.12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं।

 

With inputs from IANS