




वॉशिंगटन। फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** और अमेरिकी राष्ट्रपति **डोनाल्ड ट्रंप** की मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कारोबार जगत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेताओं का कहना है कि इस बैठक से व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है।
**यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF)** के अध्यक्ष **मुकेश अघी** ने कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत ने आगे बढ़ने का स्पष्ट रास्ता दिखाया है। उनके मुताबिक, वाशिंगटन और नई दिल्ली पिछले एक वर्ष से विभिन्न स्तरों पर व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं और अब सकारात्मक नतीजे की उम्मीद बढ़ गई है।

अघी ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने निकट भविष्य में भारत आने की सहमति जताई है। उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए उत्साहजनक संकेत बताया।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों और भारत-अमेरिका की बढ़ती आर्थिक साझेदारी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने मोदी को अपना पुराना मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं।
रक्षा सहयोग भी इस मुलाकात का प्रमुख विषय रहा। मुकेश अघी ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका समुद्री सुरक्षा तथा नौवहन की स्वतंत्रता के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों पर हुए हमले का भी उल्लेख किया।


राष्ट्रपति ट्रंप के एक बयान ने भी खासा ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा, **"अगर कोई प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करता है, तो हम उनके साथ खड़े होंगे। जब तक वे नेता हैं, यदि भारत पर हमला होता है तो हम मदद के लिए मौजूद रहेंगे।"**
वहीं, **सिख्स ऑफ अमेरिका** के सामुदायिक नेता **जसदीप सिंह जस्सी** ने भी इस मुलाकात का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनके विश्वास और दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत रिश्तों को दर्शाती हैं।
जस्सी ने कहा कि भारत के साथ जरूरत के समय खड़े रहने संबंधी ट्रंप के बयान का भारतीय-अमेरिकी समुदाय और सिख समुदाय सकारात्मक स्वागत करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी दोनों देशों के लिए आर्थिक विकास, नवाचार और नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
With inputs from IANS
