जापान में ‘वर्ल्ड एक्सपो 2025’ में भारत मंडप को मिला शीर्ष 5 पवेलियनों में स्थानBy Admin Sun, 08 June 2025 05:45 AM









नई दिल्ली – जापान के ओसाका में चल रहे ‘वर्ल्ड एक्सपो 2025’ में भारत का पवेलियन ‘भारत मंडप’ दुनिया के सबसे लोकप्रिय और प्रशंसित पवेलियनों में टॉप 5 में शामिल हो गया है।

यह जानकारी जापान ट्रैवल ब्यूरो (JTB) के प्रतिनिधि और डिप्टी पवेलियन डायरेक्टर यामामोटो-सान की समीक्षा के आधार पर दी गई है। भारत के पवेलियन को अमेरिका, इटली, फ्रांस और जापान जैसे दिग्गज देशों के साथ स्थान मिला है।

भारत मंडप की लोकप्रियता एक्सपो अधिकारियों, जापानी नागरिकों और सोशल मीडिया पर हो रही ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं के आधार पर आंकी गई है।

इस बार पहली बार भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय को पवेलियन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पहले वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आती थी। इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) द्वारा क्यूरेट और क्रियान्वित किया जा रहा है, जो 13 अक्टूबर तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।

IGNCA के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा,
"यह पवेलियन भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं, आधुनिक तकनीकी आकांक्षाओं और वैश्विक प्रभाव को एक साथ दर्शाता है।"

‘कनेक्टिंग लाइव्स ज़ोन’ में स्थित यह पवेलियन भारत की सभ्यतागत विरासत के साथ-साथ सतत विकास, नवाचार और डिजिटल प्रगति की वर्तमान महत्वाकांक्षाओं को भी प्रदर्शित करता है।

भारत मंडप केवल एक स्थापत्य चमत्कार नहीं, बल्कि भारत की संस्कृतिक कूटनीति का एक सजीव प्रतीक है। यह अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को इंटरैक्टिव कल्चरल सेशंस, समृद्ध प्रदर्शनी और कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से एक अनोखा अनुभव प्रदान करता है।

यद्यपि भारत को स्थान देर से आवंटित हुआ था, फिर भी IGNCA ने जापानी अधिकारियों के साथ मिलकर तेज़ी और कुशलता से कार्य पूरा किया, जिसे दुनिया भर के गणमान्य व्यक्तियों, दर्शकों और कलाप्रेमियों से सराहना मिली है।

अन्य अंतरराष्ट्रीय पवेलियनों की तुलना में जहां लंबी कतारें और सीमित पहुंच होती हैं, वहीं भारत मंडप एक सुलभ, स्वागतयोग्य और समावेशी अनुभव देता है।

पवेलियन के आध्यात्मिक केंद्र में अजंता की गुफाओं से प्रेरित पद्मपाणि बोधिसत्त्व की भव्य छवि स्थापित की गई है — जो भारत की करुणा और दया की शाश्वत भावना का प्रतीक है। इसके अलावा, ब्लू लोटस फसाड, बोधि वृक्ष स्थापना और बहते जल जैसे कलात्मक तत्व भारत के दार्शनिक मूल्यों – परस्पर संबंध, शांति और परिवर्तन – को सुंदरता से दर्शाते हैं।

 

With inputs from IANS

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