SEBI ने दो ऑपरेटरों पर लगाया प्रतिबंध, 4.83 करोड़ रुपये लौटाने का आदेशBy Admin Sun, 22 June 2025 02:31 AM









नई दिल्ली — भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने दो ऑपरेटरों — शिवप्रसाद पटिया और अल्केश नरवरे — पर निवेशकों को धोखा देने और बाज़ार में नकली लेनदेन दिखाकर कृत्रिम वॉल्यूम तैयार करने के आरोप में तीन साल का प्रतिबंध लगाया है। साथ ही, उन्हें 4.83 करोड़ रुपये (1 फरवरी 2022 से 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित) 45 दिनों के भीतर लौटाने का निर्देश दिया गया है।

SEBI ने दोनों पर SEBI अधिनियम, 1992 की धारा 15HA के तहत 25-25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

SEBI के आदेश के अनुसार:
“दोनों व्यक्तियों को प्रतिभूति बाज़ार तक पहुंचने से रोका गया है और वे किसी भी प्रकार से—सीधे या परोक्ष रूप से—प्रतिभूतियों (म्यूचुअल फंड यूनिट्स सहित) की खरीद-बिक्री या किसी भी प्रकार के लेनदेन में शामिल नहीं हो सकते। यह प्रतिबंध आदेश की तिथि से तीन वर्षों के लिए लागू रहेगा।”

इसके अलावा, SEBI ने उन्हें तब तक अपनी संपत्तियां या म्यूचुअल फंड, शेयर या डिमैट व भौतिक रूप में रखे गए किसी भी निवेश को बेचने से भी रोक दिया है, जब तक कि वह राशि वसूलने (disgorgement) के लिए न किया जा रहा हो।

SEBI को 'आउट ऑफ द मनी' (OTM) स्टॉक ऑप्शन अनुबंधों में अत्यधिक मूल्य उतार-चढ़ाव के बावजूद मूल शेयरों में कोई खास गतिविधि न होने पर संदेह हुआ था। इन लेनदेन में कुछ संस्थाओं द्वारा बाज़ार मूल्य से हटकर सौदे किए जा रहे थे और लगातार मुनाफा कमाया जा रहा था।

इसके अलावा, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को कई निवेशकों से शिकायतें मिली थीं कि उन्होंने कुछ व्हाट्सऐप ग्रुप सदस्यों के साथ अपने लॉगिन क्रेडेंशियल साझा किए थे, जिन्हें Algo/सॉफ्टवेयर ट्रेडिंग में अच्छा मुनाफा मिलने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन बाद में उनके ट्रेडिंग खातों में ऐसे सौदे किए गए जिनसे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ।

इन अलर्ट्स और शिकायतों के आधार पर SEBI ने एक जांच शुरू की, जिसमें यह सामने आया कि पटिया और नरवरे की अगुवाई में कुछ लोगों ने निवेशकों को गारंटीड रिटर्न का झांसा देकर उनके ट्रेडिंग किट का दुरुपयोग किया।

SEBI के अनुसार, इन ऑपरेटरों ने एक संगठित योजना बनाई थी जिसमें कॉलर्स की मदद से निवेशकों को फंसाया गया। इन कॉलर्स ने लगातार फोन और मैसेज कर निवेशकों को Algo ट्रेडिंग के ज़रिए मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया।

निवेशकों से लॉगिन डिटेल्स लेने के बाद, ऑपरेटरों ने उनके खातों से OTM स्टॉक ऑप्शंस में इस तरह से दांव लगाए कि निवेशकों को प्रीमियम में भारी नुकसान हुआ और पैसा उनकी खुद की संस्थाओं में ट्रांसफर होता रहा।

 

With inputs from IANS

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