एनवीडिया ने भारतीय AI स्टार्टअप Simplismart में किया निवेश, 14 मिलियन डॉलर की फंडिंग से मिली मजबूतीBy IANS Thu, 29 October 2026 03:42 PM

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी एनवीडिया ने बेंगलुरु स्थित भारतीय स्टार्टअप Simplismart में निवेश किया है। कंपनी ने 14 मिलियन डॉलर के सीरीज बी फंडिंग राउंड में हिस्सा लिया है। यह निवेश ऐसे समय में आया है, जब दुनियाभर की कंपनियां एआई मॉडल चलाने की बढ़ती लागत को कम करने और उपलब्ध कंप्यूटिंग संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के उपाय तलाश रही हैं।

टेकक्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व डलास वेंचर कैपिटल ने किया। इसमें एक्सेल, शास्त्र वीसी और माइक्रोमैक्स ने भी भाग लिया। नई फंडिंग सहित Simplismart का मूल्यांकन करीब 100 मिलियन डॉलर आंका गया है।

वर्ष 2022 में स्थापित इस स्टार्टअप की शुरुआत ओरेकल के पूर्व इंजीनियर अमृतांशु जैन और गूगल के पूर्व इंजीनियर देवांश घटक ने की थी। कंपनी ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित करती है, जो कारोबारों को एआई मॉडल अधिक कुशलता से चलाने, उनकी प्रतिक्रिया की गति बेहतर बनाने और कंप्यूटिंग खर्च घटाने में मदद करता है।

एआई मॉडल की लागत कम करने पर जोर

एआई आधारित सेवाओं के विस्तार के साथ कंपनियां ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) जैसे शक्तिशाली कंप्यूटिंग हार्डवेयर पर भारी निवेश कर रही हैं। हालांकि, केवल अधिक हार्डवेयर लगाना ही पर्याप्त नहीं है। कंपनियों के लिए यह भी जरूरी है कि उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल इस तरह हो कि बेहतर प्रदर्शन के साथ परिचालन लागत को नियंत्रित रखा जा सके।

Simplismart का सॉफ्टवेयर एआई मॉडल और उन्हें चलाने वाले कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच काम करता है। यह ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार मॉडल की तैनाती से जुड़ी सेटिंग्स को समायोजित करने में मदद करता है। इससे कंपनियां मॉडल की प्रतिक्रिया की गति, एक समय में संभाली जा सकने वाली रिक्वेस्ट की संख्या और कंप्यूटिंग संसाधनों की खपत के बीच बेहतर संतुलन बना सकती हैं।

कंपनी के सह-संस्थापक अमृतांशु जैन के अनुसार, व्यवसायों की जरूरत हमेशा सबसे तेज या सबसे सस्ता एआई इंफरेंस सिस्टम हासिल करना नहीं होती। उनकी प्राथमिकता ऐसा समाधान पाना है, जो संबंधित काम के लिए गति, प्रदर्शन और लागत का सही संतुलन उपलब्ध कराए।

एआई इंफरेंस वह प्रक्रिया है, जिसमें प्रशिक्षित एआई मॉडल का इस्तेमाल नई जानकारी के आधार पर जवाब, अनुमान या अन्य परिणाम तैयार करने के लिए किया जाता है। चैटबॉट, वीडियो जनरेशन और अन्य एआई सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इस प्रक्रिया को कम खर्च में संचालित करना कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है।

क्लाउड और अपने सर्वर पर इस्तेमाल की सुविधा

Simplismart कारोबारों को अपने प्लेटफॉर्म के जरिए एआई मॉडल तैनात करने और उनका प्रबंधन करने की सुविधा देती है। इसके समाधान मौजूदा क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और कंपनियों के अपने सर्वर पर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

इसके सॉफ्टवेयर में मॉडल फाइन-ट्यूनिंग, कंप्यूटिंग संसाधनों को जरूरत के अनुसार अपने आप बढ़ाने या घटाने और प्रदर्शन की निगरानी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनकी मदद से कंपनियां अपने एआई सिस्टम को बदलती मांग के अनुरूप संचालित कर सकती हैं और अतिरिक्त हार्डवेयर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर सकती हैं।

स्टार्टअप के मुताबिक, उसके सॉफ्टवेयर की मदद से एआई वीडियो जनरेशन प्लेटफॉर्म InVideo ने GPU सर्विंग लागत में 56 प्रतिशत की कमी की। उसके ग्राहकों में एआई वीडियो कंपनियां HeyGen और Higgsfield तथा एंटरप्राइज एआई स्टार्टअप Ema भी शामिल हैं।

भारतीय क्लाउड सेवा प्रदाता Yotta भी अपने Shakti Studio प्लेटफॉर्म पर सर्वरलेस एआई इंफरेंस सेवा संचालित करने के लिए Simplismart की तकनीक का इस्तेमाल करता है। सर्वरलेस व्यवस्था में उपयोगकर्ताओं को आम तौर पर अंतर्निहित सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर का सीधे प्रबंधन किए बिना कंप्यूटिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है।

छह महीने में राजस्व रन रेट 14 गुना बढ़ा

Simplismart ने बताया कि पिछले छह महीनों में उसका वार्षिकीकृत राजस्व रन रेट 14 गुना बढ़ा है। कंपनी के अनुसार, ग्राहकों की ओर से उसकी सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल ने इस वृद्धि में योगदान दिया है।

स्टार्टअप का कहना है कि भारत में उसका ग्राहक आधार बड़ा होने के बावजूद उसके कुल राजस्व का आधे से अधिक हिस्सा अमेरिका से आता है। यह स्थिति उसके कारोबार की अंतरराष्ट्रीय पहुंच को दर्शाती है।

एनवीडिया का निवेश Simplismart के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि एआई उद्योग में अब केवल शक्तिशाली चिप और बड़े कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर ही जोर नहीं है। उपलब्ध हार्डवेयर पर एआई मॉडल को अधिक कुशलता से चलाने वाले सॉफ्टवेयर की भूमिका भी बढ़ रही है।

ऐसे में Simplismart का लक्ष्य कंपनियों को मौजूदा GPU संसाधनों से अधिक काम लेने में मदद करना है। नई फंडिंग से कंपनी को अपने उत्पादों और कारोबार के विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी मिलेगी, जबकि उसका प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि वह विभिन्न उद्योगों में बढ़ती एआई मांग के बीच लागत और दक्षता से जुड़ी समस्याओं का समाधान कितनी प्रभावी ढंग से कर पाती है।