अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ा रहा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशनBy Admin Fri, 15 August 2025 02:20 PM









नई दिल्ली – भारत ने अमेरिका से तेल की खरीद में इजाफा किया है। देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), ने अगस्त में लगभग 20 लाख बैरल अमेरिकी तेल का ऑर्डर दिया है, जिसकी डिलीवरी अक्टूबर में होगी।

आईओसी ने अगस्त में एक और अमेरिकी क्रूड कार्गो खरीदा है, जो अक्टूबर में पहुंचेगा। यह सौदा अमेरिकी तेल की लगातार हो रही खरीद का हिस्सा है। रॉयटर्स की सिंगापुर रिपोर्ट के मुताबिक, ये खरीदारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी के बाद हुई है।

इसी बीच, भारत ने जून और जुलाई में दिए गए ऑर्डर के तहत अगस्त में रूस से भी प्रतिदिन 20 लाख बैरल तेल खरीदा है, जो इराक से होने वाली खरीद का विकल्प बना। यह बदलाव क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनाव के कारण हुआ।

डेटा प्रदाता क्पलर के अनुसार, रूस से तेल आयात बढ़ाने के लिए इराक और सऊदी अरब से की जाने वाली खरीद में कटौती की गई।

आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से जून 2024 के बीच भारत के अमेरिका से तेल और गैस आयात में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का आयात 2023-24 के 1.41 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में लगभग दोगुना होकर 2.46 अरब डॉलर हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल फरवरी में आश्वासन दिया था कि 2025 में अमेरिका से ऊर्जा आयात 15 अरब डॉलर से बढ़ाकर 25 अरब डॉलर किया जाएगा, जिससे अमेरिका के व्यापार घाटे में कमी लाने में मदद मिलेगी। इसके बाद भारत की सरकारी तेल और गैस कंपनियों ने अमेरिकी कंपनियों से दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति अनुबंधों के लिए बातचीत शुरू की। साथ ही, नई दिल्ली ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता ला रहा है, ताकि रूसी तेल पर निर्भरता कम हो सके।

भारत ने दोहराया है कि वह रूसी तेल की खरीद इसलिए कर रहा है क्योंकि इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बशर्ते कीमत जी-7 देशों द्वारा तय की गई सीमा से कम हो। यह अमेरिका की नीति का भी हिस्सा है, ताकि बाजार में अधिक आपूर्ति बनी रहे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें न बढ़ें। साथ ही, कम कीमत पर खरीद से रूस की कमाई पर भी अंकुश लगता है।

नई दिल्ली ने यह भी कहा है कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार से कहीं आगे बढ़कर एक अहम रणनीतिक संबंध है। सरकार का कहना है कि भारत-अमेरिका रिश्ते बहु-स्तरीय हैं और व्यापार “सिर्फ एक पहलू” है, जबकि संबंध का आधार भू-राजनीतिक और सामरिक पहलुओं पर भी टिका है।

सरकार ने संसदीय स्थायी समिति को यह भी जानकारी दी है कि भारत-अमेरिका वार्ता के छठे दौर की योजनाओं में कोई बदलाव नहीं है, और इससे दोनों देशों के बीच एक व्यापार समझौते का रास्ता खुल सकता है।

 

With inputs from IANS

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