भ्रामक एवं तथ्यहीन ध्यान देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश ना करें- पुरुषोत्तम पांडेBy Admin Tue, 21 April 2026 06:32 PM

रामगढ़–गिद्दी पुल के मरम्मत एवं नए पुल के निर्माण की मांग को लेकर भारत सरकार के पूर्व विदेश एवं वित्त मंत्री तथा हज़ारीबाग के पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा द्वारा किए गए सार्थक एवं जनहितकारी धरने के संदर्भ में हज़ारीबाग के सांसद प्रतिनिधि पुरुषोत्तम पांडे द्वारा दिए गए भ्रामक एवं तथ्यहीन बयान पर हज़ारीबाग एवं रामगढ़ के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए संयुक्त वक्तव्य जारी किया है।
नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वयं घोषित “पुल बचाओ संघर्ष समिति” के तथाकथित अध्यक्ष पुरुषोत्तम पांडे द्वारा जानबूझकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। जिस प्रकार सांसद और विधायक का महिमामंडन किया जा रहा है, वह वास्तविकता से बिल्कुल विपरीत है। सच्चाई यह है कि पुल निर्माण एवं मरम्मत जैसे गंभीर मुद्दे पर अब तक कोई ठोस और प्रभावी पहल नहीं की गई थी।
नेताओं ने यह भी जानकारी दी कि जब यशवंत सिन्हा का प्रतिनिधित्व कर रहे शंकर चौधरी के साथ अन्य नेता कोल इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक से वार्ता करने गए, उस समय पुरुषोत्तम पांडे कंपनी के पक्ष में बैठकर बातचीत कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि वे किस पक्ष की ओर से हैं, तो उन्होंने तत्काल अपना पाला बदलते हुए स्वयं को “पुल बचाओ संघर्ष समिति” का प्रतिनिधि बताना शुरू कर दिया। नेताओं ने इसे अवसरवादिता और दोहरे चरित्र का स्पष्ट उदाहरण बताया। पांडेय जी के चरित्र को देखकर गिरगिट भी शरमा जाए।
नेताओं ने आगे कहा कि जनता सब देख रही है, इसलिए उसे भ्रमित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। जनहित के इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर भ्रामक बयानबाजी करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह जनता की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है।
नेताओं ने पुरुषोत्तम पांडे के उस बयान पर भी कड़ा प्रहार किया, जिसमें उन्होंने यशवंत सिन्हा जैसी सशक्त और सम्मानित शख्सियत पर “सस्ती लोकप्रियता” का आरोप लगाया है। नेताओं ने कहा कि यह आरोप न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह स्वयं उनकी हताशा और सच्चाई से दूरी को भी उजागर करता है। उन्होंने कहा कि उनके आकाओं द्वारा आज तक कोई ठोस कार्य नहीं किया जा सका अगर किया है तो जनता को बातवें की उनके द्वारा कब कब प्रबंधन से मिले उसपर क्या कार्यवाही हुई उनके पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है। पांडेय जी का काम  सिर्फ प्रबंधन की दलाली कर अपनी नेतागिरी चमकाना है,जनता की समस्या से कोई मतलब नहीं है। आज जब कोल इंडिया लिमिटेड से लिखित आश्वासन मिल चुका है, तब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस जनआंदोलन को बदनाम करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।प्रतिनिधि मंडल में उनको शामिल होने के लिए बुलाया भी नहीं गया था।बिना बुलाए यशवंत सिन्हा के द्वारा किए जा रहे  जन आंदोलन में शामिल होकर जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं।पांडेय जी को शायद यह स्मरण नहीं रहा की उनको नेता बनाने में यशवंत सिन्हा का ही हाथ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहली बार हुआ है जब कोल इंडिया लिमिटेड को किसी आंदोलन के दबाव में लिखित आश्वासन देना पड़ा है। यह सर्वविदित है कि यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में हुए धरने के बाद ही नए पुल के निर्माण और पुराने पुल की शीघ्र मरम्मत का लिखित आश्वासन मिला, जिसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया।
नेताओं ने कहा कि यशवंत सिन्हा दशकों से हज़ारीबाग एवं रामगढ़ की जनता के ज्वलंत मुद्दों को मुखर रूप से उठाते रहे हैं और उनके समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे हैं। 90 वर्ष की आयु में भी उनका यह सक्रिय होना उनके समर्पण और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
अंत में नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के हितों के साथ किसी भी प्रकार का भ्रम फैलाने या सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता ऐसे प्रयासों का समय आने पर करारा जवाब देगी। संयुक्त बयान जारी करने वालों में मुख्य रूप से भोला कुशवाहा, देवेंद्र सिंह, सुमन सिंह, जगतार सिंह, दीपक नाथ सहाय तथा प्रियंवदा मुख्य रूप से उपस्थित हुए उक्त जानकारी यशवंत सिन्हा के मीडिया प्रभारी अनिल सिन्हा ने दिया।