
रजरप्पा: गोला प्रखंड के बीसा जंगल के पास गुरुवार सुबह एक हिरन घायल अवस्था में मिला। खेत की ओर जा रहे कुछ ग्रामीणों की नजर जब हिरन पर पड़ी, तो वह काफी डरा-सहमा हुआ था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे और माथे से खून बह रहा था।
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल हिरन को अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए गोला पशु अस्पताल पहुंचाया।
पशु चिकित्सकों ने हिरन का प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उसकी स्थिति में सुधार बताया गया। वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर हिरन को पूरबडीह स्थित डियर पार्क में रखा है, जहां उसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
वनरक्षी निलेश पोद्दार ने बताया कि भीषण गर्मी और पानी की कमी के कारण हिरन जंगल से भटककर गांव की ओर आ गया था। इसी दौरान कुछ आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया।
ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की सक्रियता से हिरन की जान बचाई जा सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सूचना नहीं दी जाती, तो हिरन की हालत और गंभीर हो सकती थी। फिलहाल हिरन सुरक्षित है और वन विभाग की निगरानी में उसका इलाज जारी है।