
Ranchi: झारखंड में चर्चित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 168 आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। रांची की अपर न्यायायुक्त योगेश की अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें बेल प्रदान कर दी। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20-20 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर जमानत दी है। इस मामले में पूर्व में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया अब तक की सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट के समक्ष करीब एक हजार पन्नों की केस डायरी प्रस्तुत की है. केस डायरी में पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी गई है. गौरतलब है कि रांची पुलिस ने पिछले महीने हुई उत्पाद सिपाही परीक्षा से पहले धांधली की आशंका के बाद तमाड़ में छापेमारी की थी. इस दौरान उत्पाद सिपाही परीक्षा में धांधली करने की योजना बना रहे बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था. इस कार्रवाई में कुल 168 आरोपियों को हिरासत में लिया गया था. अब तक की जांच में यह बात सामने आया है कि इस गिरोह में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम शामिल हैं. इस केस में अब तक 7 महिलाओं की संलिप्तता की पुष्टि हो चुकी है. इस पूरे धांधली के खिलाफ तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है. कोर्ट ने सिर्फ उन्हीं आरोपीयों को बेल दी है, जो उत्पाद सिपाही परीक्षा के अभ्यर्थी थे.
11 अप्रैल को हुई थी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि 11 अप्रैल 2026 को उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक की आशंका को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में संदिग्ध तरीके से बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी दल ने देर रात वहां छापा मारा था। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और कथित सॉल्वर गैंग से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया था।
जांच एजेंसियां अब भी सक्रिय
इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका शामिल थी।