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रांची: देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील पर अब आम लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने, गैरजरूरी यात्रा कम करने और सीमित संसाधनों में जीवनशैली अपनाने की बात कही है। लेकिन झारखंड के लोगों का कहना है कि राज्य में मेट्रो जैसी बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में निजी वाहनों के बिना रोजमर्रा की जिंदगी चलाना मुश्किल हो गया है।
राजधानी Ranchi समेत राज्य के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत देखी जा रही है। कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कुछ जगहों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति भी बन गई है। लोगों का कहना है कि नौकरी, व्यापार, बच्चों की पढ़ाई, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए बाहर निकलना उनकी मजबूरी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बड़े शहरों की तुलना में झारखंड में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था काफी कमजोर है। कई इलाकों में बस सेवाएं नियमित नहीं हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी वाहन ही लोगों का मुख्य सहारा हैं। ऐसे में ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब और दैनिक जीवन दोनों पर पड़ रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “जरूरी काम के लिए घर से निकलना ही पड़ता है। यहां मेट्रो नहीं है और बसों की सुविधा भी हर जगह बेहतर नहीं है। अगर पेट्रोल नहीं मिलेगा तो आम आदमी का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।”
लोगों का कहना है कि केवल अपील करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में परिवहन व्यवस्था, बाजार और दैनिक जीवन पर इसका और व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल झारखंड में लोग सरकार के अगले कदम और राहत उपायों का इंतजार कर रहे हैं।