सोना खरीदने से बचने की PM मोदी की अपील पर छिड़ी बहस, आर्थिक संकट से जोड़ा गया देशहितBy Admin Mon, 11 May 2026 02:22 PM









रांची: प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील ने देशभर में नई चर्चा शुरू कर दी है। 10 मई 2026 को हैदराबाद में करीब 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से कम से कम एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत है और सोने के आयात पर हर साल भारी मात्रा में डॉलर खर्च हो जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने अपनी अपील में खास तौर पर उन परिवारों का जिक्र किया, जिनके घरों में शादी या बड़े पारिवारिक आयोजन होने वाले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं, बल्कि देशहित में किया गया नैतिक आग्रह है।

दरअसल, इस बयान के पीछे मौजूदा वैश्विक आर्थिक हालात को बड़ा कारण माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं, जिससे भारत के आयात खर्च पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है और इसके लिए भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश पहले से ही ऊर्जा और जरूरी वस्तुओं के आयात पर दबाव झेल रहा है, तब गैर-जरूरी आयातों को कुछ समय के लिए सीमित करना जरूरी हो जाता है। इसी संदर्भ में उन्होंने सोने की खरीदारी कम करने की बात कही। भारत हर साल बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है, जिससे अरबों डॉलर विदेश चले जाते हैं और विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है।

आर्थिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार फिलहाल लगभग 691 अरब डॉलर के आसपास है। हालांकि यह कई महीनों के आयात के लिए पर्याप्त माना जाता है, लेकिन लगातार बढ़ते तेल और सोने के आयात से इस पर दबाव बना रहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की इस अपील का सबसे ज्यादा असर शादी-विवाह के सीजन पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत में सोने की सबसे अधिक खरीद इसी दौरान होती है। अनुमान है कि देश में कुल सोने की खपत का लगभग आधा हिस्सा शादियों और पारिवारिक आयोजनों में इस्तेमाल होता है।

सरकार पहले से ही निवेश के वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा दे रही है। इनमें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड ETF जैसे विकल्प शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षित और डिजिटल निवेश के रूप में पेश किया जा रहा है, ताकि लोग भौतिक सोने पर कम निर्भर रहें।

फिलहाल प्रधानमंत्री की यह अपील देश की आर्थिक स्थिरता, विदेशी मुद्रा बचत और आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तौर पर देखी जा रही है।

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT
Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT
Advertisement