शुभेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट मे लगाया छक्का, बॉर्डर पर BSF को मिलेगी जमीन, आयुष्मान भारत की शुरुआतBy Admin Mon, 11 May 2026 02:53 PM









कोलकाता: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने अपनी पहली ही बैठक मे छक्का लगाया है। पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक सुधार, सीमाई सुरक्षा, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसलों की घोषणा की। नवान्न में आयोजित बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब 'सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार' के नए दौर की शुरुआत हो चुकी है और पश्चिम बंगाल को भाजपा शासित अन्य राज्यों की विकास नीति के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर के 'जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता की सरकार' के सिद्धांत पर काम करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डर बाहर,  भरोसा अंदर' संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि नई सरकार लोगों की सुरक्षा, विश्वास और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आज हुई पहली कैबिनेट बैठक में शासन, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी गई। सरकार ने बैठक में 6 अहम फैसले लिए, जिनमें शहीदों के परिवारों की जिम्मेदारी, बॉर्डर एरिया में भूमि BSF को सौंपने की प्रक्रिया, आयुष्मान भारत लागू करने, केंद्रीय योजनाओं को अपनाने और लंबित आवेदन निपटाने जैसे निर्णय शामिल हैं। इसके अलावा Ujjwala 3.0, BNS लागू करने, जनगणना प्रक्रिया शुरू करने और सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट जैसे फैसले भी लिए गए।

पहली कैबिनेट में शुभेंदु सरकार ने लिए कई अहम फैसले
•    कैबिनेट बैठक में सबसे अहम निर्णयों में सीमाई सुरक्षा को लेकर बीएसएफ को आवश्यक जमीन सौंपने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का फैसला शामिल है। मुख्यमंत्री ने भूमि एवं राजस्व विभाग तथा मुख्य सचिव को अगले 45 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अवैध घुसपैठियों के हित में केंद्र और अदालतों के निर्देशों की अनदेखी की थी।
•    सरकार ने राज्य को आधिकारिक रूप से आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का भी निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग को केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समझौते जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
•    इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना, पीएम श्री, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना समेत कई केंद्रीय योजनाओं को राज्य में तेजी से लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की गई। जिला अधिकारियों को सभी लंबित आवेदनों को शीघ्र केंद्र को भेजने का निर्देश दिया गया है।

परिवार ने चाहा, तो सरकार जांच शुरू करेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पश्चिम बंगाल में 'भयमुक्त, रक्तपात रहित और निष्पक्ष चुनाव' संपन्न हुआ है। इसके लिए मतदाताओं, प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद दिया गया। साथ ही उन्होंने भाजपा के 321 'राजनीतिक शहीदों' को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात भी कही गई। उन्होंने आगे कहा 'मैं सभी मतदाताओं, चुनाव आयोग (ईसी), केंद्रीय बलों, पुलिस, पर्यवेक्षकों और सभी राजनीतिक दलों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही हमारे संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाने वाले 321 व्यक्तियों के संबंध में कहा कि यदि उनके परिवार चाहें, तो सरकार जांच शुरू करेगी।'

सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा भी बढ़ाई
•    प्रशासनिक सुधारों के तहत आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने का फैसला लिया गया है। राज्य में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह समायोजित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
•    युवाओं को राहत देते हुए सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा पांच वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 
•    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने जनगणना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के 16 जून 2025 के निर्देश को लागू नहीं किया था, जिसे वर्तमान सरकार ने तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
•    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य की मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं बंद नहीं की जाएंगी, लेकिन उन्हें पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी मृत व्यक्ति, गैर-भारतीय या अवैध व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT
Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT
Advertisement