झारखंड छात्र आंदोलन का 20वां दिन: 20 अगस्त को CM आवास घेराव की तैयारी, सुरक्षा कड़ीBy Admin Thu, 13 August 2026 02:21 PM

Photo: IANS

JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच रांची जिला प्रशासन ने गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। आंदोलनकारी छात्र 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की ओर से इस संबंध में अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन खुफिया सूचनाओं के बाद मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 100 से अधिक अतिरिक्त सशस्त्र जवानों को तैनात किया गया है। इनमें झारखंड जगुआर और झारखंड आर्म्ड पुलिस के जवान भी शामिल हैं।

प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से सूचना भवन चौक से राम मंदिर चौक तक बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा तैयार किया है। मुख्यमंत्री आवास के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इसके तहत सूचना भवन से एटीआई की ओर जाने वाली सड़क को भी बंद कर दिया गया है।

पूरे इलाके में निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों सहित अन्य मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा बढ़ाए जाने का असर कांके रोड पर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है। मोरहाबादी और कचहरी चौक की ओर से आने वाले वाहनों को भीड़ और सुरक्षा संबंधी दिक्कतों से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।

इस बीच, छात्रों का आंदोलन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब 20 दिनों से जारी है। राज्य सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में व्यापक सुधार के साथ विवादित JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

सरकार के साथ बातचीत के बाद छात्रों का दावा है कि उनकी करीब 90 प्रतिशत मांगों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, JPSC सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की CBI जांच की उनकी प्रमुख मांग अभी पूरी नहीं हुई है। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रहने की बात कही जा रही है।

10 अगस्त को छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया और बाद में लाठीचार्ज भी किया। घटना के बाद छात्र संगठनों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया था।

प्रदर्शनकारी लगातार कह रहे हैं कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। छात्रों का जोर केवल परीक्षाएं रद्द कराने पर नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में स्थायी सुधार और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने पर भी है।

छात्र आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। कांग्रेस और भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ाया है। इससे पहले भाजपा नेताओं ने भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।

20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव की खबरों के बीच प्रशासन की बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक तीव्र हो सकता है। प्रशासन के सामने जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, वहीं छात्रों की मांगों पर समाधान निकालना सरकार के लिए भी अहम राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गया है।
 

With inputs from IANS