झारखंड की भाषाओं को क्लासरूम में मिलेगी जगह, CM हेमंत ने नई नीति के ड्राफ्ट की समीक्षा कीBy Mid Time Bureau Wed, 04 November 2026 05:33 PM

Ranchi: झारखंड की स्थानीय और जनजातीय भाषाओं को अब स्कूली शिक्षा से जोड़ने की तैयारी है। राज्य सरकार ऐसी भाषा शिक्षा नीति तैयार कर रही है, जिसके तहत प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाई का अवसर देने पर जोर होगा। इसी दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे 'झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति' के प्रारूप पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ चर्चा की। बैठक में हेमंत सोरेन ने राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि प्राथमिक शिक्षा में बच्चों की मातृभाषा को महत्व दिया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चे अपनी स्थानीय और जनजातीय भाषाओं में पढ़ाई कर सकें, जिससे उनकी सीखने और समझने की क्षमता को बढ़ावा मिले। इसके साथ ही झारखंड की भाषाई विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित किया जा सके।

बैठक में प्रस्तावित नीति के अलग-अलग पहलुओं और उसे प्रभावी व पारदर्शी तरीके से लागू करने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

फिलहाल भाषा शिक्षा नीति का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसके अंतिम स्वरूप के बाद ही साफ होगा कि राज्य के स्कूलों में मातृभाषा आधारित पढ़ाई को किस तरह लागू किया जाएगा।