
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले अवैध प्रलोभनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने जानकारी दी है कि अब तक 510 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध सामग्री जब्त की जा चुकी है। यह आंकड़ा 2021 के विधानसभा चुनाव में हुई 339 करोड़ रुपये की जब्ती से काफी ज्यादा है और इसने पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
आयोग के अनुसार, 26 फरवरी से 27 अप्रैल के बीच राज्य में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 30 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा 126 करोड़ रुपये से अधिक की शराब, लगभग 110 करोड़ रुपये की ड्रग्स, 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 184 करोड़ रुपये से अधिक के अन्य सामान भी जब्त किए गए हैं। कुछ मामलों में विदेशी करेंसी और अवैध हथियारों की बरामदगी की भी जानकारी सामने आई है।
निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह सभी बरामदगी चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों से जुड़ी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार निगरानी व्यवस्था को पहले से अधिक सख्त किया गया है।
राज्य में बड़ी संख्या में फ्लाइंग स्क्वाड और स्थायी निगरानी टीमें तैनात की गई हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार जांच कर रही हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और कई जगहों पर अचानक निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।
आयोग ने यह भी बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाया जा सके।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में इस बार की कार्रवाई ने न सिर्फ बड़े पैमाने पर अवैध प्रलोभनों का खुलासा किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव आयोग इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।