




नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने 20 और 21 जून को मेडिकल छात्रों को अवकाश न देने का निर्देश दिया है। केवल विशेष परिस्थितियों में उचित कारणों के आधार पर ही छुट्टी दी जा सकेगी।
गुरुवार को जारी नोटिस में एनएमसी ने कहा कि अतीत में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ मेडिकल छात्र परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता और निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल पाए गए थे।

आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों को सतर्क रहने और छात्रों को ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया है, जो परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती हो।
नोटिस में कहा गया है कि 20 और 21 जून को छात्रों को अवकाश न देने का उद्देश्य संभावित दुरुपयोग को रोकना और परीक्षा के निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करना है।


एनएमसी ने उच्च शिक्षा विभाग के आधिकारिक पत्र को भी एडवाइजरी के साथ संलग्न करते हुए सभी मेडिकल कॉलेजों को इसका कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने भी गुरुवार को समीक्षा बैठक में NEET-UG पुनर्परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और दक्षता के साथ आयोजित करने पर जोर दिया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और परीक्षा के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी विभिन्न राज्यों में जाकर पुनर्परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों का समन्वय करेंगे और उनकी रिपोर्ट राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक के नेतृत्व वाले कमांड सेंटर को भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां विशेष निगरानी बरत रही हैं।
With inputs from IANS
