




नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सोमवार को देश के कई हिस्सों में तेज़ी से आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के शेष क्षेत्रों के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अतिरिक्त इलाकों को भी कवर कर लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि आने वाले दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
आईएमडी के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। अगले चार से पांच दिनों में इसके मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में और आगे बढ़ने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून ने कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज कराई। असम के कुछ इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से अति भारी वर्षा हुई, जबकि तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इस दौरान पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में 60 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश भी हुई।
मौसम विभाग ने अगले छह से सात दिनों के लिए पूर्वोत्तर भारत में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक वर्षा का अनुमान है।
बिहार, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है, जबकि सप्ताह के उत्तरार्ध में पूर्वोत्तर राज्यों में कहीं-कहीं अति भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब से बिहार तक फैली मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) और महाराष्ट्र व पंजाब के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण जैसी मौसम प्रणालियां वर्तमान मौसम गतिविधियों को प्रभावित कर रही हैं। वहीं, 18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में बारिश तथा ओलावृष्टि का कारण बन सकता है।


दूसरी ओर, तेलंगाना में 15-16 जून और विदर्भ में 15-17 जून के दौरान लू चलने की संभावना है। कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और ओडिशा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। कोंकण और गोवा के कुछ इलाकों में गर्म रातें भी दर्ज की जा सकती हैं।
देश में सोमवार को सबसे अधिक तापमान राजस्थान के Phalodi में 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हल्की बारिश, गरज-चमक और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
आईएमडी ने मछुआरों को 20 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और खड़ी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं आम लोगों को आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और लंबे समय तक धूप में रहने से बचने की सलाह दी गई है।
With inputs from IANS
