




नई दिल्ली। NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से एक दिन पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने शनिवार को देशव्यापी मॉक ड्रिल शुरू की। इस अभ्यास का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारू तरीके से आयोजित करना है।
सुबह 9 बजे शुरू हुई यह मॉक ड्रिल देर शाम तक जारी रहेगी। इसमें देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, री-एग्जाम के लिए निर्धारित सभी परीक्षा केंद्रों को पहले ही NTA के नियंत्रण में ले लिया गया है।
इस बार परीक्षा केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन, भंडारण और सुरक्षा की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों को सौंपी गई है।

इसके अलावा देशभर के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती के जरिए परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले देशभर में टेलीग्राम सेवाओं पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा। अदालत ने माना कि केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते समय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उचित था।
न्यायमूर्ति तेजस करिया ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के आदेश को चुनौती देने वाली टेलीग्राम की याचिका खारिज करते हुए कहा कि 22 जून तक प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से निलंबित करना और 30 जून तक मैसेज एडिट फीचर को बंद रखना परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय है।
केंद्र सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि टेलीग्राम का बार-बार परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के लिए इस्तेमाल किया गया। NTA ने ऐसे कई चैनलों की पहचान की थी, जिन पर कथित तौर पर फर्जी NEET प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़े घोटालों का प्रचार किया जा रहा था।
सरकार का कहना था कि केवल कुछ चैनलों को हटाने से समस्या का समाधान नहीं होता, क्योंकि ऐसे समूह और बॉट्स दोबारा सक्रिय हो सकते हैं। इसलिए री-एग्जाम से पहले प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध आवश्यक माना गया।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित मूल NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद 21 जून को 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है।
With inputs from IANS


