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चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच विपक्षी INDIA ब्लॉक ने देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कहा कि 2 से 8 अक्टूबर के बीच हर जिले में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला जाएगा। इसके अलावा विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
खड़गे ने कहा कि जिला स्तर पर होने वाले मार्च के दौरान विपक्षी दल मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं लोगों के सामने रखेंगे। इसके लिए हर जिले में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किए जाने की योजना है।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में INDIA ब्लॉक के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगेंगे। विपक्षी नेता राष्ट्रपति के समक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे रखेंगे।
इसके अलावा विपक्ष ने देशभर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना भी बनाई है। इन रैलियों की तारीखें अभी तय की जा रही हैं और इन्हें अक्टूबर तथा नवंबर में आयोजित किया जाएगा। खड़गे के मुताबिक, इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को मतदान के अधिकार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा भी की गई है। खड़गे ने कहा कि इस रैली में विपक्ष चुनाव आयोग से जुड़े अपने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को जनता के सामने रखेगा। यह शब्द विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
INDIA ब्लॉक के नेता SIR यानी Special Intensive Revision से जुड़े लंबित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने और इन मामलों की सुनवाई में तेजी लाने की अपील करने की योजना भी बना रहे हैं।
यह पूरा अभियान ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि मतदाता सूची में बदलाव निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत किए जा रहे हैं।
खड़गे ने अपने संबोधन में राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्रवाई से सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचाने की कोशिश हो रही है। ये विपक्ष के आरोप हैं, जिन्हें चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष स्वीकार नहीं करते।
खड़गे ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए नोटबंदी का जिक्र किया और आरोप लगाया कि अब ‘वोट बंदी’ के जरिए लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है।
INDIA ब्लॉक का यह कार्यक्रम चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विपक्ष के पहले से चल रहे अभियान को अगले चरण में ले जाने की कोशिश के रूप में सामने आया है। इससे आने वाले हफ्तों में चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।