
ब्रिस्बेन: पिछले वर्ष की ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनलिस्ट मैडिसन कीज़ और आर्यना सबालेंका ने 2026 सत्र की शानदार शुरुआत करते हुए ब्रिस्बेन इंटरनेशनल में अपने-अपने शुरुआती मुकाबले जीत लिए।
विश्व नंबर एक आर्यना सबालेंका ने मंगलवार को स्पेन की क्रिस्टीना बुक्सा को मात्र 47 मिनट में शिकस्त देकर अपने अभियान का दमदार आगाज़ किया। वहीं, मौजूदा ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन मैडिसन कीज़ ने पैट रैफ्टर एरीना में खेले गए दूसरे दौर के मुकाबले में मैकार्टनी केसलर को 6-4, 6-3 से हराया।
ब्रिस्बेन की डिफेंडिंग चैंपियन सबालेंका ने क्वींसलैंड टेनिस सेंटर में लगभग त्रुटिरहित प्रदर्शन किया। उन्होंने 23 विनर्स लगाए और केवल सात अनफोर्स्ड एरर किए, जिससे उनका शुरुआती दौर पूरी तरह एकतरफा रहा। उनकी ताकत और सटीकता के सामने बुक्सा शुरुआत से ही दबाव में नजर आईं और मुकाबले में वापसी नहीं कर सकीं।
यह मुकाबला बेलारूस की खिलाड़ी के लिए जाना-पहचाना रहा, क्योंकि उन्होंने पिछले साल यूएस ओपन के चौथे दौर में भी बुक्सा को हराया था और बाद में खिताब अपने नाम किया था। ब्रिस्बेन में भी वही कहानी दोहराई गई। सबालेंका ने पहला सेट तेजी से जीता और दूसरे सेट में भी पूरा नियंत्रण बनाए रखा।
विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर काबिज बुक्सा ने डबल बैगल से बचते हुए एक गेम जरूर जीता, जिस पर दर्शकों ने तालियां बजाईं। हालांकि, सबालेंका ने इसके तुरंत बाद मैच खत्म करते हुए अपने चौथे ऐस के साथ 6-0, 6-1 से जीत दर्ज की।
डब्ल्यूटीए के हवाले से सबालेंका ने कहा, “मैं इस सीजन में किसी को चेतावनी देने पर ध्यान नहीं दे रही थी। मैं सिर्फ उन चीजों पर फोकस कर रही थी, जिन पर मैंने प्री-सीजन में काम किया है। मैं अपना स्तर दिखाना चाहती थी और मैंने ऐसा अच्छी तरह किया। अगर इससे कोई डरता है तो मुझे खुशी होगी, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे सर्व-एंड-वॉली पॉइंट्स देखकर मैं खुद भी हैरान थी। मैंने इसकी प्रैक्टिस की थी, लेकिन यह तय नहीं था कि मैच में यह मेरे पक्ष में जाएगा या नहीं। मैं खुश हूं कि मैं इसे मैच में आजमा पाई। मैंने बहुत मेहनत की है, इसलिए अपने स्तर से मैं ज्यादा हैरान नहीं हूं।”
दूसरी ओर, पांचवीं वरीयता प्राप्त मैडिसन कीज़ ने पिछले जनवरी मेलबर्न पार्क में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पहली जीत दर्ज की। उन्होंने हमवतन मैकार्टनी केसलर को 6-4, 6-3 से मात दी।
कीज़ ने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें तालमेल बैठाने में थोड़ा समय लगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती नर्वसनेस के कारण उन्हें “जमी हुई स्थिति से बाहर निकलना” पड़ा, लेकिन लय पकड़ने के बाद उनके शॉट्स असरदार साबित होने लगे।
अब ग्रैंड स्लैम चैंपियन बन चुकी कीज़ ने कहा कि वह 2026 में खुद को और चुनौती देना चाहती हैं और अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर खेलने का लक्ष्य रखती हैं।
जीत के बाद कीज़ ने कहा, “मैं नेट पर ज्यादा जाने पर फोकस कर रही हूं। यहां ही नहीं, बल्कि पूरे साल के लिए मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य यही है कि कोर्ट पर वे चीजें करूं जो मुझे असहज लगती हैं। कई बार घबराहट या करीबी पलों में मैं सुरक्षित खेल पर लौट जाती हूं, जो कभी-कभी मेरे लिए नुकसानदेह हो जाता है। इसलिए अभ्यास में जिन चीजों पर काम किया है, उन्हें बड़े मुकाबलों और अहम पलों में भी लागू करना इस साल का मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य है।”
With inputs from IANS