
दीव- दो साल पहले तक देशभर के लाखों प्रतिभाशाली युवाओं के पास बड़े स्तर के बीच खेलों में भाग लेने का कोई ठोस मंच नहीं था। दमन और दीव में आयोजित हो रहे खेलो इंडिया बीच गेम्स ने ऐसे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सुनहरा अवसर दिया है।
ओडिशा की उमाबती पात्र, जिन्होंने खेलो इंडिया बीच गेम्स के दूसरे संस्करण में पेंचक सिलाट में स्वर्ण पदक जीता, ने इस आयोजन को खिलाड़ियों के लिए एक “बहुत बड़ा मंच” बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।
गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत में उमाबती ने कहा, “इन खेलों में हिस्सा लेना शानदार अनुभव है और स्वर्ण पदक जीतकर मैं बेहद खुश हूं। इसके लिए मैं ओडिशा खेल विभाग को श्रेय देना चाहूंगी, जिन्होंने हमारी तैयारी में पूरी मदद की। हमारी ट्रेनिंग, खान-पान और अन्य सभी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया।”
उन्होंने आगे कहा, “खेलों से पहले हमने कड़ी मेहनत की, उसी का नतीजा है कि हम स्वर्ण पदक जीत पाए। इस जीत का श्रेय मेरे कोच प्रेम सिंह थापा को भी जाता है, जो हमारे राज्य संघ के सचिव हैं। ट्रेनिंग से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं उन्होंने सुनिश्चित कीं। खेलो इंडिया एक बहुत बड़ा मंच है और इसे शुरू करने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी की आभारी हूं।”
वहीं, खेलो इंडिया बीच गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली श्रेया ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “इतने बड़े मंच पर कांस्य पदक जीतना अद्भुत एहसास है। खेलो इंडिया लगभग अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन जैसा लगता है। इस अवसर के लिए मैं बहुत आभारी हूं।”
खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 का आयोजन केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव द्वारा किया जा रहा है, जिसे भारतीय खेल प्राधिकरण और राष्ट्रीय खेल महासंघों का तकनीकी सहयोग प्राप्त है।
खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 के दूसरे संस्करण में 1,100 से अधिक खिलाड़ी आठ खेलों—वॉलीबॉल, सॉकर, सेपकटाक्रॉ, कबड्डी, पेंचक सिलाट, ओपन वॉटर स्विमिंग, मल्लखंब और रस्साकशी—में भाग ले रहे हैं। इनमें पहले छह खेल पदक स्पर्धाएं हैं और कुल 32 स्वर्ण पदक दांव पर हैं।
With inputs from IANS